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ऊर्जा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों ने भारत को बनाया एक विद्युत परिपोषित राष्ट्र-विद्युत मंत्री आर. के. सिंह
September 19, 2020 • सजग ब्यूरो • व्यापार

विद्युत मंत्री आर. के. सिंह ने कहा- ‘‘ऊर्जा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों ने भारत को बनाया एक विद्युत परिपोषित राष्ट्र‘‘  बिहार में एनटीपीसी की विकासात्मक परियोजनाओं का किया उद्धघाटन

आर. के. सिंह, माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) (विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा) एवं राज्य मंत्री (कौशल विकास और उद्यमिता), भारत सरकार ने आज बिहार में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं और सुविधाओं का उद्धघाटन किया। देश की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादक कंपनी एनटीपीसी, एक जिम्मेदार काॅर्पोरेट कंपनी के रूप में बिहार के लोगों के फायदे के लिए एक बुनियादी ढांचा बनाकर अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी को पूरा कर रही है।

इस अवसर पर विद्युत मंत्री आर. के. सिंह ने प्रगति के पथ पर बिहार राज्य को आगे बढ़ाने की दिशा में योगदान करने के लिए एनटीपीसी, आरईसी और पावर ग्रिड की सराहना की।

उन्होंने कहा, ‘‘विद्युत मंत्रालय से संबंधित ये कंपनियां दुनिया में सबसे बड़ी हैं और आज इनकी गिनती  अधिक पेशेवर और कुशल संगठनों में होती है। विद्युत क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों की कंपनियों को उनके अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए जाना जाता है। इन कंपनियों ने देश भर के गांवों तक फैले सामाजिक विकास की दिशा में काम करने पर भी अपना ध्यान केंद्रित किया है। महामारी के दौरान भी इन कंपनियों ने बड़े पैमाने पर योगदान दिया है और अपने श्रमिकों का पूरा ध्यान रखा है। इसके अलावा, एनटीपीसी एक आईटीआई विकसित कर रहा है और एम्स, बिहार में एक वार्ड का निर्माण कर रहा है, जिससे बिहार के लोगों को काफी फायदा होगा। एनटीपीसी ने राज्य में 6150 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ बिहार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा, 3800 मेगावाट क्षमता निर्माणाधीन है।‘‘

उन्होंने आगे कहा, ‘‘सार्वजनिक उपक्रमों ने मिलकर देश के व्यापक भूभाग को आपस में जोड़ने का महत्वपूर्ण काम किया है। इसी क्रम में विद्युत सैक्टर के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने पिछले पांच वर्षों में भारत को लगभग 1.25 लाख मेगावाट विद्युत की क्षमता के साथ एक विद्युत अधिशेष राष्ट्र बनाया है। हमारे माननीय प्रधान मंत्री के नेतृत्व में, हमने विद्युत क्षेत्र में एक क्रांति ला दी है और इस तरह हम सभी भारतीय घरों में विद्युत उपलब्ध कराने के अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं।‘‘

उद्धघाटन समारोह के दौरान अपने संबोधन में असित कुमार मुखर्जी, आरईडी (ईआर 1), एनटीपीसी ने कहा, ‘‘हम अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर प्रतिबद्ध हैं और हम बिहार के लोगों के प्रति अपनी हर प्रतिबद्धता को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। राज्य में छह परियोजनाओं के साथ, हम राज्य की बिजली की आवश्यकता में योगदान करते हुए बेहद खुशी का अनुभव कर रहे हैं।

इन परियोजनाओं में चौरई, सरथुआ, बदुरा और बहादुरपुर में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण शामिल है। साथ ही, कोरी, बसौरी, मडनपुर और नरौनी में छठ घाटों का निर्माण, भटौली और नवादा बेन में स्वास्थ्य केन्द्र भवन और सारीपुर, त्रिकौल, पाण्डेयपुर, मोहनपुर टोला, मसाढ़, कल्याणपुर और इचरी में आर.ओ. प्लांट्स स्थापित करना भी शामिल है।

उद्धघाटन समारोह में संदेश और अगियाँव निर्वाचन क्षेत्रों के स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ-साथ विद्युत मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों और एनटीपीसी के अधिकारियों ने भाग लिया।

एनटीपीसी की 62910 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता में से वर्तमान में बिहार में 6150 मेगावाट क्षमता है। इसके अलावा, 3800 मेगावाट क्षमता की परियोजना निर्माणाधीन है।

62.9 गीगावॉट की कुल स्थापित क्षमता के साथ, एनटीपीसी समूह के 70 बिजली स्टेशन हैं, जिनमें 24 कोयला, 7 संयुक्त साइकल गैस/तरल ईंधन, 1 हाइड्रो, 13 नवीकरण और 25 सहायक और जेवी पावर स्टेशन शामिल हैं। समूह में 20 गीगावॉट से अधिक निर्माणाधीन क्षमता है, जिसमें से 5 गीगावाॅट नवीकरणीय ऊर्जा शामिल है।