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नए साल में कुछ नए संकल्प ज़रूर लें
January 2, 2020 • सीताराम गुप्ता • स्वास्थ्य


 नए वर्ष में यदि आप चाहते हैं कि आपका व्यक्तित्व प्रभावशाली हो, उसमें सकारात्मक परिवर्तन हो, आपका स्वास्थ्य और बेहतर हो, आपके व्यवसाय या सेवा में उत्कृष्टता आए तथा लोग आपके नज़दीक आएँ व आपसे प्यार करें तो कुछ बातों पर ग़ौर कीजिए:

  • सबसे पहले अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित कीजिए। स्वयं अपने स्वास्थ्य की देखभाल का जिम्मा लीजिए। अन्य कोई न तो हमारी दिनचर्या को ही व्यवस्थिति कर सकता और न ही हमारा स्वास्थ्य सुधार सकता है। 
  • यदि किसी मित्र अथवा परिचित से असावधानी अथवा उपेक्षा के कारण संबंधों का निर्वाह ठीक से नहीं हो पा रहा है तो नए साल में उन संबंधों को पुनरुज्जीवित करने का प्रयास कीजिए। इससे बेतहाशा ख़ुशी मिलेगी। 
  • बिगड़े संबंधों को सुधारने का भी एक महत्त्वपूर्ण अवसर है नववर्ष। बिगड़े संबंध सबसे अधिक पीड़ा देते हैं। इस नववर्ष पर बिगड़े संबंधों को सुधारने का प्रयास कीजिए और लंबे समय से व्याप्त घुटन और मानसिक पीड़ा से मुक्त हो जाइए।  
  • अपने व्यवसाय या सेवा में सुधार के लिए कोई प्रशिक्षण लीजिए। कोई सेमिनार या वर्कशाॅप कीजिए। नया सीखते रहने से न केवल कार्य करने में उत्कृष्टता आती है अपितु सुतूष्टि भी मिलती है।
  • कम से कम कोई एक अच्छी सी प्रेरणास्पद पुस्तक पढ़कर उसे अमल में लाने का प्रयास कीजिए। पुस्तकों ने समाज को बदलने में हमेशा महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हम भी उनसे लाभांवित हों तो कितना अच्छा रहेगा!
  • किसी गली-सड़ी मान्यता अथवा अंधविश्वास से हमेशा के लिए मुक्त होने का प्रयास कीजिए। जीवन में आगे बढ़ने के लिए भी ये ज़रूरी है। बेकार की बातों से मुक्त होकर हम अधिक सुगमतापूर्वक आगे बढ़ सकते हैं। 
  • एकरसता व नीरसता से बचिए। अपनी किसी हाॅबी को थोड़ा बहुत समय अवश्य दीजिए। कोई नई हाॅबी खोज डालिए या अपनी सर्जनात्मकता के विकास के लिए कुछ न कुछ नया करिए। इसका अन्य कोई विकल्प नहीं। जितना जल्दी हो सके इस पर विचार कीजिए।
  • किसी दुश्मन या विरोधी को उसकी ग़लती के लिए क्षमा कीजिए और स्वयं की ग़लतियों के लिए क्षमा माँगिए। क्षमा के अभाव में हम हमेशा दुखी बने रहते हैं। क्षमा हमें हर प्रकार से मुक्त करने का उत्तम साधन है।
  • पति-पत्नी एक दूसरे की ग़लतियों को नज़रअंदाज़ कीजिए और अपनी किसी ग़लती को स्वीकार करते हुए क्षमायाचना कीजिए। एक दूसरे की केयर कीजिए। 
  • किसी की लंबे काल से चली आ रही मांग को पूरा कीजिए अथवा किसी को आपसे लंबे समय से यदि कोई शिकायत है तो उसे दूर कर दीजिए।
  • किसी ग़लत आदत जैसे धूम्रपान, मद्यपान या अन्य कोई बुरी लत है तो उसे छोड़ने का संकल्प लीजिए।
  • व्यायाम के साथ-साथ ध्यान अथवा मेडिटेशन कीजिए। अपने लिए ही नहीं अपने विरोधियों के लिए भी सच्चे मन से प्रार्थना कीजिए।
  • दिन में कुछ समय मौन के लिए निर्धरित कीजिए। सप्ताह अथवा महीने में एक दिन पूरी तरह से मौन का पालन कीजिए। 
  • घर में फूलों के पौधे लगाइए और स्वयं उनकी देखभाल कीजिए। फूलों के रंग व गंध हमारे जीवन को सरस व रंगीन बनाने में पूर्णतः सक्षम होते हैं। 
  • परिंदों के लिए किसी सुरक्षित स्थान पर दाना डालिए। गर्मी में उनके लिए मिट्टी का बर्तन पानी भरकर रखिए।
  • घर-परिवार के सदस्यों के लिए समय निकालिए व उनके साथ बाहर घूमने या पिकनिक मनाने जाइए।
  • बच्चों के साथ खेलिए। माता-पिता या दादा-दादी के साथ बैठकर गप्पें मारिए। वो जो कहना चाहें उसे सुनिए।
  • परिवार के सदस्यों के लिए जो उपयोगी चीज़ें हैं उन्हें उनके माँगने से पहले ही उपहार के रूप में लाकर दीजिए।
  • दान-दक्षिणा के रूप में नहीं, निस्स्वार्थ भाव से किसी की सच्चे मन से सहायता कीजिए।
  • किसी निर्बल, अशक्त अथवा साधनहीन की मदद कीजिए, उसके चेहरे पर संतुष्टि के भाव लाने का प्रयास कीजिए।
  • किसी ग़रीब व्यक्ति को अपने पैरों पर खड़ा होने में उसकी मदद कीजिए। इससे सशक्त समाज के निर्माण में सहायता मिलेगी। हमें भिखमंगों के बीच रहने के अभिशाप से मुक्ति मिल जाएगी।
  • किसी ग़रीब विद्यार्थी को पढ़ाई जारी रखने में उसकी मदद कीजिए। विद्यादान से बढ़कर कोई दान संसार में नहीं। 

     अपनी किसी भी ग़लती को न दोहराने का प्रयास करें। किसी अच्छी बात को अवश्य दोहराने का संकल्प लें, उसे दोहराएँ। हर क्षण ये संकल्प लें कि मुझे हर हाल में अगले क्षण को बेहतर बनाना है, तभी आने वाला साल या समय अच्छा गुज़रेगा।