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कच्ची कालोनियों की रजिस्ट्री कराकर ही दम लूँगा - अरविंद केजरीवाल
November 25, 2019 • सजग ब्यूरो

बुराड़ी में 250 किलोमीटर लंबे सीवर लाईन योजना का मुख्यमंत्री ने किया शिलान्यास

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज संत नगर, बुराडी के ३३ कोलोनियों में २५० किलोमीटर सीवर की लाइनों का शुभारम्भ किया। इस दौरान विधायक संजीव झा भी मौजूद थें। सीएम ने कहा सत्तर साल में किसी पार्टी को कच्ची कालोनियों में रहने वालों से कोई मतलब नहीं था। जब अरविंद केजरीवाल ने पांच साल में काम कराकर इन कालोनियों को बदला तो उन्हें इन कालोनियों की याद आ गई है। मैंने कसम खाई थी कि कच्ची कालोनियों का उद्धार करेंगे। मैंने नियम कानून बदल दिए। पहले कच्ची कालोनियों में नियम था कि काम नहीं हो सकता। मैं खुद खड़े होकर रात दिन लगकर कच्ची कालोनियों में विकास कराया। 

मुख्यमंत्री ने कहा, केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा पिछले एक दो माह से सुन रहा हूं कालोनियों को पक्का कराएंगे। मैं पूछता हूं, पांच साल में क्यों नहीं कराए। मैं पांच साल नाली, सड़क बनवा रहा था तब कहां थी केंद्र सरकार। पांच साल पहले केंद्र सरकार कहां थी, अब दो माह से कच्ची कालोनियां याद आ रही है। लेकिन हाथ में रजिस्ट्री देने पर वह लोग चुप हैं। लेकिन आप चिंता न करना रजिस्ट्री भी दिलवाऊंगा। मेरा दिल जानता था, कैसे इन कालोनियों में काम कराया। वे फाइल रोकते थें, मैं लड़-लड़कर कराता था। उन लोगों ने पहले आपके सीसीसीटी कैमरे को रोका। मैं एलजी दफ्तर में दस दिन बैठा और फाइल कराकर लाया। उन्होंने आपके मोहल्ला क्लीनिक को रोका। उसे कराया। अब कच्ची कालोनियों की रजिस्ट्री कराकर ही दम लूंगा। इसके लिए मुझे चाहें जो करना पड़े। मैं दिल्ली की जनता को स्पष्ट कर दूं, जैसे हर रुकावट को दरकिनार कर सीसीटीवी लगवाए, मोहल्ला क्लीनिक खुलवाए, उसी तरह रजिस्ट्री भी कराकर दिखाऊंगा। 

उन्होंने कहा कच्ची कालोनियों की रजिस्ट्री पर केंद्र सरकार की नीयत खराब है। हमने दिल्ली में सरकार बनने के तत्काल बाद 12 नवंबर 2015 को कच्ची कालोनियों को वैध करने का प्रस्ताव भेजा। फिर 4 साल लगातार रजिस्ट्री के लिए संघर्ष किया, दबाव बनाया। उन्होंने कच्ची कालोनियों की रजिस्ट्री का काम रोकने के लिए सभी तरह के प्रयास किए। हम फिर भी नहीं माने और केंद्र सरकार पर कच्ची कालोनियों की रजिस्ट्री के लिए नियम बनाने का लगातार दबाव बनाए रखें। फिर भी अभी तक हाथ में रजिस्ट्री देने की बात कोई नहीं कर रहा। अरविंद केजरीवाल ने कहा लेकिन कच्ची कालोनियों में रहने वाले चिंता न करें, हम सारी कालोनियों को पक्का कराकर ही चैंन की सांस लेंगे। हम लोगों के हाथ में रजिस्ट्री दिलाकर ही दम लेंगे। कच्ची कालोनी में रहने वाले लाखों लोगों को उनका हक जरूरी मिलेगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बुराड़ी में 250 किलोमीटर लंबे सीवर लाईन योजना के शुभारंभ के दौरान लोगों को संबोधित कर रहे थें। इस दौरान उमेश मंडल, सीताराम, राजबाला, संतोष कुमार व अन्य ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। 

सत्तर साल में पहली बार किसी सरकार ने बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा कराई - अरविंद केजरीवाल

सीएम अरविंद केजरीवाल ने सबसे पहले बुराड़ी के लोगों से पूछा, सत्तर साल में कोई सीएम आया। लोगों ने न में जवाब दिया। फिर सीएम ने कहा  मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं इसलिए आया हूं। कई महिलाएं आई, वह बोली उज्जैन की यात्रा करके लौटी हूं। पहली बार कोई सरकार अपने बुजुर्गों को यात्रा करा रही। मुझे श्रवण कुमार का चित्र दी। अपने बुजुर्ग, हरिद्वार, रामेश्वरम, कोणार्क, सब जगह जा रही है। ऐसा पहली बार सत्तर साल में हो रहा है कि सरकार बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा करा रही है। सीएम ने कहा सारे लोग तीर्थ यात्रा में जाए। उन्होंने कहा 33 कालोनियों में सीवर डल रहा है। इसे समय से पूरा कराएंगे। 

रात-दिन लग, खुद खड़े होकर कच्ची कालोनियों का कायापलट किया - अरविंद केजरीवाल

सीएम ने कहा मुझे याद है, अन्ना आंदोलन के बाद मैं गली-गली जाता था। कच्ची कालोनियों में जाता था। वहां न रहने लायक था, न सड़क थी। एक अम्मा बोली लड़के का रिश्ता नहीं आता। लोगों के घरों में बारिश का पाना जाता था। सड़कें नहीं थी। आलम यह था कि लोगों के लड़कों की शादी तक नहीं होती थी। लड़की वाले आते थें और कच्ची कालोनियों का हाल देखकर लौट जाते थें। कच्ची कालोनी में रहने वालों के साथ सौतेला व्यवहार होता था। 

सीएम ने कहा कि पांच साल में कच्ची कालोनियों में रहने वालों को सम्मान दिलाया गया। हमने सड़कें बनवाई। जिससे बरसात का पानी घर में जाना बंद हुआ। सीवर लाईन डलवाया। 24 घंटे बिजली की व्यवस्था कराई गई। दो सौ यूनिट मुफ्त बिजली दिया गया। 20 हजार लीटर मुफ्त पानी दिया गया। इससे कच्ची कालोनी में रहने वालों का जीवनस्तर भी दिल्ली के अन्य हिस्सों में रह रहे लोगों के बराबर हुआ। आज कच्ची कालोनी में रहने वाले भी गर्व से कह सकते हैं कि हम दिल्ली का हिस्सा हैं। 

महिलाओं की फ्री बस सेवा पर भी कष्ट है - अरविंद केजरीवाल

सीएम ने कहा एक बड़े केंद्रीय मंत्री बोले, केजरीवाल पैसे लूटा रहा, बसों में महिलाओं की फ्री यात्रा कर पैसे लूटा रहा। मंत्री जी अपनी कार फ्री लेकर घुमे तो हमारी माताओं बहनों की बस में फ्री यात्रा क्यों नहीं होनी चाहिए। दो सौ फ्री यूनिट बिजली का विरोध हो रहा। जो मंत्री विरोध कर रहे उसके घर चार हजार यूनिट बिजली फ्री मिलती है। उनको चार हजार यूनिट और ड्राइवर को दो सौ यूनिट पर कष्ट है। 

पुरानी पार्टियाँ गरीब से वोट लेकर अमीर का काम करती थी - अरविंद केजरीवाल

आज तक गरीब के नाम पर वोट लेते हैं और काम अमीर का करते थें। आज पहली सरकार है जो गरीबों की यात्रा फ्री करती है, स्कूल-अस्पताल फ्री करती है। दवा फ्री करती है। कच्ची कालोनियों में हमने 6 हजार करोड़ खर्च कर पानी, नाली, सीवर व बिजली की व्यवस्था कर दी। कच्ची कालोनियों में स्ट्रीट लाइट पर भी नियम बना दिया गया है। अब सभी स्ट्रीट लाईट के रखरखाव की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार करेगी। लोग पूछते हैं, इतने आइडिया लाते कहां से हैं। सेप्टिक टैंक की सफाई भी एक माह बाद फोन नंबर देकर हम साफ कराएंगे। यह सारे काम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हम भी आम आदमी है। हम कभी चुनाव नहीं लड़े। हमको राजनीति करनी नहीं आती। हम आदमी की जिंदगी जीते हैं, इस कारण पता है, आम आदमी अपना जीवन कैसे जीता है। हमें पता है, पानी-बिजली-स्कूल फीस आने पर एक आम आदमी पर क्या बितता है। यह बड़े नेताओं को तो पता ही नहीं सेप्टिक टैंक क्या होता है, कच्ची कालोनियों में रहने का मतलब क्या होता है। हमने पांच साल खूब काम किया। अब चुनाव आ रहा है, मेरा और पार्टी का बैंक खाता खाली है। यह चुनाव आपको लड़ना है। यह सोचकर वोट करना कि आम आदमी पार्टी नहीं आई तो सब विकास पर ब्रेक लग जाएगा।

साढ़े पांच लाख परिवार को फायदा होगा

दिल्ली जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुराड़ी के संत नगर इलाकें में सीवर लाईन डाले जाने का शुभारंभ हुआ। इससे यमुना नदी में प्रदूषण कम होगा। इस योजना के तरह संत नगर समूह कालोनियों में सीवर डाला जाएग। 32 कालोनियों में सीवर डलेगा। साथ ही मुकंदपुर गांव में भी सीवर डलेगा। इसमें जमीन के अंदर और बाहर सीवर लाईन डलेगा। जिसे सीवेज बुराड़ी पंप हाउस से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भेजा जाएगा। कुल 250 किलोमीटर लंबा सीवर लाईन डलेगा। इसकी लागत करीब 250 करोड़ रुपये हैं। यह काम 36 माह में पूरा होगा। इससे करीब साढ़े पांच लाख परिवार को फायदा होगा।