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कामयाबी की राह पर दिल्ली सरकार की मुख्यमंत्री सोलर पावर योजना
November 20, 2019 • सजग ब्यूरो
  • दिल्ली में करीब 146 मेगावॉट बिजली का हो रहा उत्पादनप्रदूषण कम करने में भी कारगर

  • सोलर पावर उत्पादन से कार्बन डाईऑक्साइड की मात्रा में करीब 500 टन कमी आई

दिल्ली सरकार कि मुख्यमंत्री सोलर पावर योजना कामयाबी की राह पर है। इस योजना के तहत अब तक दिल्ली में 2900 से अधिक सोलर प्लांट्स लगाए जा चुके हैं। ये प्लांट्स ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, स्कूलों, मंडियों और अलग-अलग संस्थानों में लगाए गए हैं, जिनसे करीब 146 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है। दिल्ली सरकार के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन के अनुसार सामान्य बिजली की तुलना में सोलर पावर काफी किफायती पड़ रहा है। साथ ही सोलर पावर उत्पादन के चलते रोजाना करीब 500 टन कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन कम हुआ है। दिल्ली में सोलर पावर को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने सितम्बर 2018 में मुख्यमंत्री सोलर पावर योजना लॉन्च की थी।
श्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री सोलर पावर योजना के अंतर्गत छतों पर सोलर पैनल लगाने का काम बड़ी तेजी से शुरू किया गया। इस योजना के तहत द्वारका में जितनी भी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां हैं, उनमें से 25 प्रतिशत सोसायटियों में सोलर प्लांट लगाए गए हैं। सरकार की कोशिश है कि दिल्ली के सभी सोसायटियों में सोलर प्लांट लगाए जाएं, ताकि प्रदूषण कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में कॉमन यूटिलिटी जैसे पार्किंग, लिफ्ट, क्लब, जिम एरिया के लिए लोग मुख्य स्रोत से बिजली आपूर्ति के लिए 10 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करते हैं। लेकिन जिन सोसायटियों में सोलर प्लांट लगाए गए हैं, वहां इसके लिए एक रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल आ रहा है। इस तरह से सोलर पावर न केवल पर्यावरण के लिए अच्छा है, बल्कि लोगों के लिए किफायती भी है। इसके अलावा जिन सोसायटियों में सोलर प्लांट लगे हैं, उनका ओवरऑल बिजली बिल भी 50 प्रतिशत तक कम हो गया है।
प्लांट लगाने पर 30 फीसद सब्सिडी दे रही दिल्ली सरकार
इस योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने का काम देख रही कंपनी रेवांता में प्रोजेक्ट मैनेजर मनीष यादव के अनुसार सोलर प्लांट लगाने वाली हाउसिंग सोसायटियों में बिजली का बिल 50 प्रतिशत कम हो गया है। उन्होंने बताया की 'हाउसिंग सोसायटियों में मोनोक्रिस्टलीन मोड्यूल के सोलर पैनल लगाए गए हैं जो बिजली की बेहतर बचत करते हैं। इन सोलर प्लांट लगाने के खर्च पर दिल्ली सरकार की ओर से 30 फीसद सब्सिडी मिल रही है उसका सीधा फायदा उपभोक्ता को मिल रहा है। सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों से लेकर स्कूल, हॉस्पिटल, हाउसिंग सोसाइटीज सब इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।'
बिजली बिल में हो गई है भारी कटौती
मुख्यमंत्री सोलर पावर योजना के अंतर्गत सोलत प्लांट लगाने वाली श्री बालाजी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के उपाध्यक्ष सुब्रतो बैनर्जी भी सोलर प्लांट कि वजह से हो रही बिजली के बिल की बचत से काफी संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि हम साल में बिजली के बिल पर 1,55,000 रूपये बचा रहे हैं। ये पैसा अब किसी और काम में इस्तेमाल हो  सकता है। जाहिर तौर पर हम इससे काफी खुश हैं और इसमें कोई शक नहीं की ये काफी लाभकारी योजना है।'