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हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश सरकार से विनती, किसानों को सुविधाएं मुहैया कराए ताकि उनको फसलें जलाने की जरूरत न पड़े - अरविंद केजरीवाल
October 30, 2019 • सजग ब्यूरो
  • लेजर शो की वजह से दिल्ली में पटाखें बेहद कम जलेआने वाले समय में पटाखे जलाने की संख्या और भी कम होगी - सीएम
  • अगले साल से बड़े पैमाने पर आयोजित होगा लेजर शोदिवाली पर पटाखे नहीं लेजर शो का इंतजार करेंगे लोग

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह दिल्लीवासियों के तरफ से हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश सरकार से विनती करना चाहता हूँ कि वो अपने किसानों को सुविधाएं मुहैया कराए ताकि उनको फसलें जलाने की जरूरत न पड़े। दिल्ली के लोग और सरकार अपने तरफ से जो भी कर सकते हैं, हम कर रहे हैं। दिल्ली के अंदर चारों तरफ से दिए रहा धुंआ पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की वजह से है। मैं भारतीय जनता पार्टी से अपील करता हूं कि हरियाणा की राज्य सरकार पर दबाव बनाएं और वहां के किसानों को जो भी तकनीक मुहैया कराने की जरूरत है, वह तकनीक मुहैया कराएं और किसानों को फसल जलाने से रोके। कांग्रेस पार्टी से भी अपील करना चाहता हूं कि वह पंजाब सरकार को कहकर वहां के किसानों को सभी सुविधाएं मुहैया कराएं। मेरे अपने स्तर पर हरियाणा और पंजाब में कई लोगों से बातचीत हुई, किसानों से भी बातचीत हुई, किसान बिल्कुल तैयार हैं। किसानों का मानना है कि अगर उन्हें कोई ऐसी तकनीक उपलब्ध कराई जाए जिससे कि पराली को काट सके और दो पैसे कमा सकें, तो वह पैसे ही कमाना चाहेंगे, न कि पराली जलाना चाहेंगे। कहीं ना कहीं कमी सरकारों की तरफ से ही नजर आ रही है।

दिल्ली सचिवालय में हुई एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दीवाली पर 4 दिन का लेजर शो कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, वह कल समाप्त हुआ। छोटी दीवाली से लेकर भाई दूज तक लगातार चार दिन रोजाना शाम को इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। यह कार्यक्रम बेहद ही कामयाब रहा। हजारों लोगों ने इस कार्यक्रम में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। हमारी उम्मीदों से भी ज्यादा बढ़कर इस कार्यक्रम को जनता का समर्थन मिला। यह कार्यक्रम एक प्रयोग के रूप में किया गया था। दिल्ली की जनता से अपील की गई थी के पटाखे न जलाकर दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित लेजर शो कार्यक्रम में सब लोग मिलजुल कर एकजुट हो कर दीपावली मनाते हैं और 14 साल के वनवास के बाद जब श्री राम जी घर वापस आए उनका स्वागत करते हैं। हर तबके, हर स्तर के लोगों ने इस कार्यक्रम में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। अमीर लोग, गरीब लोग, अधिकारी लोग, कोर्ट के जज सभी लोगों ने इस कार्यक्रम में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। सबसे ज्यादा मैं उप राज्यपाल महोदय का धन्यवाद करना चाहता हूं। जिनकी वजह से यह कार्यक्रम इतना कामयाब हो सका। उन्हीं की वजह से सभी सरकारी संस्थानों ने इस कार्यक्रम में अपनी अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई। जिन सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारी इस कार्यक्रम में थी, मैं उन सब को भी बधाई देना चाहता हूं। यह हमारा प्रथम प्रयोग था। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में यह सुझाव हमारे पास आया कि किस तरह से लोगों को पटाखे न चलाने के लिए अनुरोध किया जाए और बहुत कम समय में इस कार्यक्रम की तैयारी की गई, बावजूद उसके बहुत ही कामयाब कार्यक्रम रहा। इस कार्यक्रम से हमें एक मनोबल मिला है। अगले साल इस कार्यक्रम को इतने भव्य स्तर पर किया जाएगा कि दिल्ली की जनता इस बात का इंतजार नहीं करेगी, कि दिवाली आएगी तो पटाखे जलाएंगे, बल्कि इस बात का इंतजार करेगी कि दिवाली आएगी तो लेजर शो देखने चलेंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि दिल्ली की दिवाली पूरी दुनिया के नक्शे में अपना एक अलग स्थान बनाएगी।

मैंने एक ट्वीट किया था, कि इस बार पटाखों की आवाज नहीं आ रही, परंतु उसके 1 घंटे बाद पटाखों की आवाजें आने लगी। दिल्ली में इस बार भी पटाखे जलाए गए परंतु पहले के मुकाबले कम जलाए गए। मेरा यह मानना है कि अगर लेजर शो का आयोजन ना होता तो लोग और अधिक मात्रा में पटाखे जलाते, निश्चित ही लेजर शो ने पाठकों को जलाने की संख्या में कमी की है। और आने वाले समय में पटाखे जलाने की संख्या और भी कम होगी। कल से हम जो दिल्ली के अंदर चारों तरफ धुंआ देख रहे हैं यह साफ तौर पर पता चल रहा है कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की वजह से जो धुआं उठ रहा है, वह दिल्ली में आ रहा है। मैं भारतीय जनता पार्टी से अपील करता हूं कि हरियाणा की राज्य सरकार पर दबाव बनाएं और वहां के किसानों को जो भी तकनीक मुहैया कराने की जरूरत है, वह तकनीक मुहैया कराएं और किसानों को फसल जलाने से रोके। कांग्रेस पार्टी से भी अपील करना चाहता हूं कि वह पंजाब सरकार को कहकर वहां के किसानों को सभी सुविधाएं मुहैया कराएं। मेरे अपने स्तर पर हरियाणा और पंजाब में कई लोगों से बातचीत हुई, किसानों से भी बातचीत हुई, किसान बिल्कुल तैयार हैं। किसानों का मानना है कि अगर उन्हें कोई ऐसी तकनीक उपलब्ध कराई जाए जिससे कि पराली को काट सके और दो पैसे कमा सकें, तो वह पैसे ही कमाना चाहेंगे, न कि पराली जलाना चाहेंगे। कहीं ना कहीं कमी सरकारों की तरफ से ही नजर आ रही है। इस बार पिछले साल के मुकाबले दुगने पराली जलाने की घटनाएं सामने आ रही है। मैं पड़ोसी राज्यों से अपील करता हूं कि कृपया दिल्ली की जनता की सेहत का भी ख्याल रखें। हम लोग लगातार प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी संभव प्रयास कर रहे हैं। जितनी भी कमेटियां प्रदूषण से संबंधित बनी हुई हैं, वह सभी इस बात को कह चुकी हैं कि केवल दिल्ली सरकार सभी प्रकार के ग्रैब को फ़ॉलो कर रही है। केवल दिल्ली सरकार सकारात्मक कदम उठा रही है। परसों एक स्कूल में मेरा कार्यक्रम है, जहां से हम मास्क बांटने की शुरुआत करेंगे और एक हफ्ते तक स्कूलों के जरिए हम घर-घर तक मास्क पहुंचाने का काम करेंगे।