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एनएचपीसी ने 45वां स्थापना दिवस मनाया
November 11, 2019 • सजग ब्यूरो • व्यापार

एनएचपीसी लिमिटेड, भारत की प्रमुख जलविद्युत कंपनी ने अपना 45 वां स्थापना दिवस 7 नवंबर, 2019 को व्हेटलिफ्टिंग ऑडिटोरियम, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, नई दिल्ली में बड़े जोश और उत्साह के साथ मनाया। माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) (विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा) एवं राज्य मंत्री (कौशल विकास और उद्यमिता) भारत सरकार श्री आर.के. सिंह इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। अपने संबोधन में माननीय मंत्री महोदय ने एनएचपीसी स्थापना दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। माननीय मंत्री महोदय ने एनएचपीसी की प्रदर्शन, दक्षता और लाभप्रदता की सराहना की । उन्होंने आगे कहा कि जलविद्युत ऊर्जा का एक स्वच्छ और हरा स्रोत है और देश के ऊर्जा मिश्रण के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। श्री बलराज जोशी, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने एक प्रस्तुतिकरण द्वारा एनएचपीसी की विभिन्न उपलब्धियों एवं एनएचपीसी की संस्थापित क्षमता, क्षमता वृद्धि, सीएसआर पहलुओं पर जानकारी दी । श्री बलराज जोशी ने बताया कि आज एनएचपीसी के पास 24 पावर स्टेशन हैं जिनकी कुल संस्थापित क्षमता 7071.2 मेगावाट है और इनमें  सौर और पावन ऊर्जा पावर स्टेशन भी शामिल है और 4924 मेगावाट की कुल संस्थापित क्षमता वाली निर्माणाधीन परियोजनाएं हैं।

इस समारोह में सचिव (विद्युत) भारत सरकार संजीव नंदन सहाय एवं संयुक्त सचिव (हाइड्रो) विद्युत मंत्रालय अनिरुद्ध कुमार, सदस्य (हाइड्रो) तथा एनएचपीसी की ओर से निदेशक (परियोजनाएं) रतीश कुमार, निदेशक (वित्त) एम.के. मित्तल, निदेशक (तकनीकी) जनार्दन चौधरी, प्रोफ. कनिका टी. भाल,

स्वतंत्र निदेशक, एनएचपीसी एवं भगवत प्रसाद मकवाना, स्वतंत्र निदेशक, एनएचपीसी और अन्य आमंत्रित गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

समारोह के दौरान, एनएचपीसी पुरस्कार योजना (2017-18) के विभिन्न श्रेणियों जैसे सर्वश्रेष्ठ पावर स्टेशन, सर्वश्रेष्ठ निर्माणाधीन परियोजना, अनुकरणीय प्रतिबद्धता, स्टार ऑफ एनएचपीसी और दसवीं और बारहवीं कक्षा के स्टार छात्रों को विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत के पुरस्कृत किया गया ।

रातिश कुमार, निदेशक (परियोजनाएं) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तावित करते हुए कहा कि एनएचपीसी आज जिस मुकाम पर खड़ी है वहां तक पहुँचाने में कंपनी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का भी योगदान है और उनके प्रति विशेष रूप से कृतज्ञता व्यक्त की।

इस संध्या का एक विशेष आकर्षण एक प्रसिद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम था जिसमें प्रसिद्ध सूफी गायिकाएं ज्योति नूरां व सुल्ताना नूरां शामिल थीं। जम्मू व कश्मीर एवं हिमकहल प्रदेश के कलाकारों ने रंगीन लोक गीत और नृत्य प्रदर्शन भी किया जिसने दर्शकों को बहुत उत्साहित किया। इस समारोह में सुप्रसिद्ध कवि श्री सुरेंद्र कुमार शर्मा ने सभी दर्शकों का मनोरंजन किया ।