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दिल्ली में बनेगा देश का पहला प्लाज्मा बैंक
June 29, 2020 • सजग ब्यूरो • दिल्ली
  • दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल में बनेगा देश का पहला प्लाज्मा बैंक
  • अगले दो दिन में प्लाज्मा बैंक शुरू हो जाएगा, उसकी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी
  • आईएलबीएस अस्पताल कोरोना अस्पताल नहीं, कोरोना से ठीक हुए मरीजों को दोबारा संक्रमण का खतरा नहीं, डोनर के आने-जाने की व्यवस्था सरकार करेगी
  • डोनर को तैयार करने में मीडिया से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील, सरकार भी कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों को कॉल कर प्लाज्मा दान करने के लिए तैयार करेगी
  • प्लाज्मा कोई संजीवनी बूटी नहीं, लेकिन जिनकी हालत ज्यादा खराब नहीं, उनके लिए काफी मददगार साबित हो रहा है 
  • अभी तक सरकारी अस्पताल में 35 में से 34 और प्राइवेट में 49 में 46 लोगों की जान प्लाज्मा थेरेपी से बचाई गई 
  • प्लाज्मा के लिए लोग दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं, इसलिए सरकार ने प्लाज्मा बैंक बनाने का फैसला लिया- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना मरीजों को प्लाज्मा के लिए दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। दिल्ली सरकार ने लोगों की परेशानियों को देखते हुए आईएलबीएस अस्पताल में प्लाज्मा बैंक बनाने का फैसला लिया है। यह देश का पहला प्लाज्मा बैंक होगा, जो अगले दो दिनों में शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आईएलबीएस अस्पताल कोरोना अस्पताल नहीं है। कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों को दोबारा संक्रमण होने की यहां संभावना नहीं है। प्लाज्मा दान करने वालों के आने -जाने की व्यवस्था सरकार करेगी। उन्होंने प्लाज्मा दान करने के लिए लोगों को प्रेरित करने में मीडिया से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील की। साथ ही कहा कि दिल्ली सरकार भी लोगों को फोन करके इसके लिए तैयार करेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि प्लाज्मा थेरेपी कोई संजीवनी बूटी नहीं है, लेकिन जिनकी हालत ज्यादा खराब नहीं है, उनके लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। अभी तक सरकारी अस्पतालों में 35 लोगों को प्लाज्मा दिया गया, जिनमे से 34 ठीक हो गए और प्राइवेट अस्पताल में 49 लोगों को दिया है, जिसमे 46 लोग ठीक हो गए हैं।
 
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ हफ्ते पहले तक दिल्ली में बेड की बहुत समस्या थी। लोग अस्पताल में बेड के लिए दर -दर की ठोकरें खाते थे। अगर परिवार में कोई बीमार हो जाए, तो वे एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल, दूसरे स्थान से तीसरे अस्पताल भागते थे। वे जिस अस्पताल में जाते थे, उन्हें सुनने को मिलता था कि बेड भरे हुए हैं। बेड खाली नहीं है। मेरे पास भी बहुत फोन आते थे। रात-रात भर जाग कर मैं लोगों के लिए अलग-अलग अस्पतालों में बेड का इंतजाम करता था। पिछले 1 महीने में हम लोगों ने कई कदम उठाए हैं, जिसकी वजह से आज दिल्ली में बेड की कमी नहीं है। अस्पतालों में अभी कुल 13,500 कोरोना के बेड हैं। उनमें से करीब 6000 बेड भरे हुए हैं और 7500 बेड अभी भी खाली हैं।
 
कोरोना मरीज को प्लाज्मा देने से आक्सीजन और रेस्पिरेशन स्तर में सुधार आता है - अरविंद केजरीवाल
 
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मैं देख रहा हूं कि प्लाज्मा को लेकर काफी अफरा-तफरी मची हुई है। मेरे पास बहुत लोगों के फोन आ रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि हमारे मरीज को प्लाज्मा दिलवा दीजिए। लोग प्लाज्मा के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली देश का पहला राज्य है, जहां पहली बार प्लाज्मा का परीक्षण किया गया। हमने दो-ढाई महीना पहले बताया था कि हम लोग प्लाज्मा थेरेपी का ट्रायल कर रहे हैं। हमने 29 मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी का परीक्षण शुरू किया, उसके नतीजे काफी उत्साह वर्धक थे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कोरोना में मरीजों के साथ दो चीजें होती है। एक तो उसका ऑक्सीजन स्तर नीचे चला जाता है। एक सामान्य व्यक्ति में ऑक्सीजन का स्तर 95 होना चाहिए और यदि यह 90, 85 या 80 पर पहुंच जाता है, तो खतरनाक हो जाता है और दूसरा उसका रेस्पिरेशन का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। मरीज की सांस फूलने लगती है। एक समान्य व्यक्ति में रेस्पिरेशन का स्तर 15 होना चाहिए। यह 20, 25 या 30 तक पहुंच जाता है। यह देखने में आया है कि यदि मरीज को प्लाज्मा दे दिया जाए, तो उसके ऑक्सीजन स्तर में काफी अच्छी वृद्धि होती है और उसके रेस्पिरेशन का स्तर भी कम हो जाता है।
 
अस्पताल या डॉक्टर आईएलबीएस अस्पताल से संपर्क कर ले सकेंगे प्लाज्मा - अरविंद केजरीवाल
 
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 29 मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी के किए गए परीक्षण की रिपोर्ट हमने केंद्र सरकार को सौंपी और उसके आधार पर केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार के अस्पतालों के साथ ही कई प्राइवेट अस्पतालों को भी प्लाज्मा थेरेपी करने की इजाजत दी। अब हमें प्लाजमा थेरेपी की अनुमति तो मिल गई है, लेकिन प्लाज्मा कहां से आएगा? प्लाज्मा वही लोग दे सकते हैं, जिनको कोरोना हुआ था और वह ठीक हो गए। उनके खून के अंदर एंटीबाॅडीज बनती हैं, जो उन्हें कोरोना से बचाती हैं। यदि उनके खून से प्लाज्मा निकालकर कोरोना के मरीज को दे दिया जाए, तो वह ठीक हो जाता है। उसके शरीर में भी एंटीबॉडीज बननी चालू हो जाती है। इस समय लोग प्लाज्मा लेने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। इसलिए दिल्ली सरकार ने तय किया है कि हम दिल्ली में प्लाज्मा बैंक बनाएंगे।
 
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह कोरोना के मरीजों का इलाज करने के लिए यह अपनी तरह का पहला प्लाज्मा बैंक होगा। देश भर में यह शायद पहला प्लाज्मा बैंक होगा। हम यह नहीं कह रहे हैं कि केवल सरकार प्लाज्मा ले पाएगी और अगर कोई प्लाज्मा डोनेट करना चाहता है तो कोई और नहीं ले पाएगा। अगर कोई परिवार है, उनको प्लाज्मा चाहिए और उनका कोई रिश्तेदार है, जो कोरोना से ठीक हो चुका है। यदि वह प्लाज्मा देना चाहता है, तो परिवार उनसे ले सकते हैं। हमें कोई परेशानी नहीं है। हमारा मकसद यह है कि अभी जो प्रयास चल रहे हैं, उसको और मजबूत किया जाए। हमारा मकसद उसको कमजोर करना नहीं है। लिहाजा, दिल्ली सरकार प्लाज्मा बैंक बनाएगी। इसकी जो भी औपचारिकता है, उसको पूरी कर ली गई है। इस प्लाज्मा बैंक से सभी को प्लाज्मा मिलेगा चाहे वह सरकारी अस्पताल हो या प्राइवेट अस्पताल हो। हमारे आईएलबीएस अस्पताल में प्लाज्मा बैंक बनाया जाएगा। अगर किसी को प्लाज्मा चाहिए तो उस अस्पताल या डॉक्टर को लिखकर देना पड़ेगा कि उनको प्लाज्मा थेरेपी की जरूरत है। कोई खुद से नहीं कह सकता है कि उसे प्लाज्मा चाहिए। इसमें डॉक्टर की रिकमेंडेशन जरूरी है। डॉक्टर या अस्पताल आईएलबीएस से संपर्क करेंगे और आईएलबीएस उन्हें प्लाज्मा दे देगा। यह प्लाज्मा बैंक अगले 2 दिन में शुरू हो जाएगा, तब तक हम इसकी सारी कार्यवाही पूरी कर लेंगे।
 
कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों को प्लाज्मा दान देने के लिए आगे आना होगा- अरविंद केजरीवाल
 
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि जो लोग ठीक हो गए हैं, उन लोगों को सामने आकर प्लाज्मा डोनेट करना पड़ेगा। अभी भी लोग प्लाज्मा दान कर रहे हैं, लेकिन अभी इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। अब इसकी व्यवस्था बना दी जाएगी। इसलिए जो लोग ठीक हो चुके हैं, उनसे मेरी हाथ जोड़कर के प्रार्थना है कि जिंदगी में किसी की जान बचाने के कम मौके मिलते हैं। यह मौका आपको मिला है। मेरी सभी लोगों से अपील है कि जो लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं, वह लोग सामने आकर के अपना प्लाज्मा डोनेट करें, ताकि दूसरे लोगों की जान बचाई जा सके। यह एक तरह से भगवान की सच्ची भक्ति है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं बता दूं कि किसी को यह गलतफहमी न हो कि प्लाज्मा कोई संजीवनी बूटी है और इससे सभी की जान बच जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई मरीज अंतिम स्टेज में पहुंच गया है, वह दूसरी अन्य बीमारियों से भी घिरा है, उसके कई अंग फेल हो चुके हैं और वह वेंटिलेटर पर जा चुका है, ऐसे मरीज को बचाना मुश्किल होता है, लेकिन जिन मरीजों की अभी हालत ज्यादा खराब नहीं हुई है, सिर्फ इतना समझ लिया जाए कि उनके लिए यह मददगार साबित होता है। एलएनजेपी के प्रमुख डॉ. सुरेशका कहना है कि पिछले कुछ दिनों में 35 मरीजों को प्लाज्मा दिया गया है, जिसमें से 34 की जान बच गई और एक की मौत हो गई। दिल्ली में एक और बड़ा प्राइवेट अस्पताल है। उन्होंने 49 लोगों को प्लाज्मा दिया, जिनमें से 46 लोगों की जान बच गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हो सकता है कि यह जो 34 और 46 लोगों की जान बची हैं, वे लोग वैसे भी बच जाते। यह मात्र एक आंकड़ा है, उनमे से कितने बचते या नहीं बचते, यह कह नहीं सकते।
 
एक नंबर जारी किया जाएगा, जिस पर प्लाज्मा दान करने के लिए संपर्क कर सकते हैं- अरविंद केजरीवाल
 
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्लाज्मा दान करने वालों के मन में कुछ गलत फहमियां है। डोनर को लगता है कि वह कोरोना के अस्पताल में प्लाज्मा दान करने जाएगा, तो कहीं उसे दोबारा कोरोना न हो जाए। वैसे तो दोबारा कोरोना नहीं होगा, फिर भी हमने आईएलबीएस अस्पताल में प्लाज्मा बैंक की व्यवस्था की है। यह अस्पताल, कोरोना अस्पताल नहीं है। आपके आने-जाने और टैक्सी का सारा इंतजाम दिल्ली सरकार करेगी। सिर्फ आप हां कर दीजिए कि मैं प्लाज्मा दान देना चाहता हूं। आईएलबीएस में अच्छी व्यवस्था की गई है। प्लाज्मा देने में एक व्यक्ति को आधा से पौन घंटे तक का समय लगता है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगले कुछ दिनों के अंदर हम एक नंबर जारी कर देंगे, जो लोग भी प्लाज्मा दान करना चाहते हैं, वे लोग उस नंबर पर कॉल कर हमें बता सकते हैं। हम उनसे संपर्क कर प्लाज्मा लेने का सारा इंतजाम कर दिया जाएगा। इसके अलावा जितने लोग भी कोरोना से ठीक हुए हैं, उन्हें सरकार की तरफ से भी फोन जाएगा। उन्हें प्लाज्मा दान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपना प्लाज्मा दान दे सकें। यह जितने एंटीबॉडीज टेस्ट हो रहे हैं, इसमें भी बहुत से ऐसे लोग हैं, जिन्हें कोरोना हुआ और वे ठीक हो गए और उन्हें पता भी नहीं चला। इस टेस्ट से भी यह पता चलेगा कि उनके शरीर के अंदर एंटीबॉडीज बन रही है, उसे कोरोना हुआ और वह ठीक हो चुका है। रिकॉर्ड के मुताबिक दिल्ली में अभी तक 52,000 लोग ठीक हो चुके हैं। इसके अलावा भी और बहुत से लोग होंगे, जिन्हें कोरोना हुआ और वे ठीक हो गए, लेकिन उन्हें पता भी नहीं चला। ऐसे सभी लोगों को प्लाज्मा दान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद कर सके और उनकी जान बचा सके।
 
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोगों को प्लाज्मा काम करने के लिए प्रेरित करने में सबसे बड़ी भूमिका मीडिया की होगी। इसमें कोई पार्टी बाजी नहीं, कोई राजनीति नहीं, हमें सबकी जान बचानी है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, जाति का हो या पार्टी का हो। उसमें पत्रकार भी आते हैं। मेरी मीडिया के लोगों से निवेदन है कि वह लोग अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रेरित करें कि वे लोग प्लाज्मा डोनेट करें और दूसरों की जान बचा सके।