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दिल्ली के हर समाज के लिए किया काम, अन्य किसी राज्य में सीएम को सीधे समस्या नहीं बता सकते - अरविंद केजरीवाल
November 5, 2019 • सजग ब्यूरो
  • सीएम की पहल पर केसकला बोर्ड का गठन, बारबर समाज ने सीएम को कहा धन्यवाद 
  • सीएम आवास पर जाकर जताया आभार, अरविंद केजरीवल के जय घोष के नारे लगे 

मैंने पिछले पांच साल में सभी वर्ग के लिए काम किया। वह चाहें आटो, टेंपो, टैक्सी संचालक हो या कोई और। पिछले दिनों बारबर समाज के लोग मिले। उन्होंने कहा हमारे लिए कुछ नहीं हुआ। हमने तत्काल मंत्रियों के साथ बैठक की और केसकला बोर्ड का गठन किया। यह बोर्ड समाज के हित के लिए काम करेगा व योजनाएं बनाएगा। बोर्ड में समाज के ही लोग होंगे। यह कहना है दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का। वह बोर्ड गठन के बाद धन्यवाद करने मुख्यमंत्री आवास पहुंचे बारबर समाज के बड़ी संख्या में आए लोगों को संबोधित कर रहे थें। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हर समाज का सीएम से सीधा रिश्ता है। इसी कारण वह अपनी समस्या बताने सीधे मेरे पास आते हैं और तत्काल समाधान होता है। किसी प्रदेश में ऐसा नहीं है कि लोग सीधे अपनी समस्या मुख्यमंत्री को बता सकते हैं। इस दौरान बारबर समाज के लोगों ने केसकला बोर्ड बनने से उत्साहित होकर अरविंद केजरीवाल के जय घोष से पूरे आसमान को भर दिया। इस दौरान समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम भी मौजूद थें। जिनके नेतृत्व में बारबर समाज के लोग सीएम आवास पहुंचे थें। 

पहले कहते थें कि फलना पार्टी अंबानी की है, फलना पार्टी अडानी की है, हमें कहते हैं गरीबों के लिए काम करते हैं - सीएम 

सीएम ने कहा मेरे आवास पर आप सब लोगों का स्वागत है। आप लोगों का शुक्रगुजार हूं कि समय निकाल कर मेरे पास आए। आम आदमी पार्टी गरीबों की पार्टी है। दूसरी पार्टियों को चुनाव के दौरान गरीबों की याद आती थी। बाकि समय अंबानी व अडाडी की जेब में रहती हैं। हमेशा यह आरोप लगता था कि फलानी फलानी पार्टी अंबानी की जेब में है, फलानी पार्टी अडाडी की जेब में है। हमारे उपर आरोप लगता है कि केजरीवाल गरीबों के लिए काम करता है। यही विपक्ष कहता है कि केजरीवाल ने सबकुछ गरीबों के लिए फ्री कर दिया। हमने सरकार बनने के बाद गरीबों के लिए कई सारे काम किए। मुख्यमंत्री से पहले हम भी आम आदमी थी। हमलोग सोचते थें, यह सरकारी स्कूल-अस्पताल ठीक नहीं हो सकता। मैं एनजीओ में काम करते थें। तब स्कूल या अस्पताल जाते थें तो सोचते थें कि यह स्कूल और अस्पताल ठीक नहीं हो सकते क्या। हमलोगों ने पांच साल में हमने स्कूल व अस्पताल ठीक कर दिए। इसका मतलब ठीक हो सकते थें, फिर भाजपा और कांग्रेस वालों ने 70 साल में क्यों नहीं किया। या तो नियत ठीक नहीं था या करना नहीं चाहते थें। 

यहां केजरीवाल की सरकार है, यहां बिजली नहीं जाती 

सीएम ने बताया कि पिछले दिनाों एक अम्मा मुझसे मिली , निजी अस्पताल में उनसे 6 लाख रुपये मांगे थे। सरकारी अस्पताल में फ्री में इलाज हो गया। पहले बिजली जाती थी। लोग जनरेटर और इनवर्टर खरीदना बंद कर दिए। पहले हर साल बैटरी बदलनी पड़ती थी। अब किसी के घर में इनवर्टर नहीं होता। एक महिला मिली। वह गुरूग्राम में रहती थीं। अब दिल्ली में सिफ्ट हो गई। उन्होने मकान मालिक से पूछा इनवर्टर कहां मिलता है। मकान मालिक ने कहा यहां केजरीवाल की सरकार है, यहां बिजली नहीं जाती। मैं कहता हूं, जब दिल्ली में 24 घंटे बिजली हो सकती है तो फरीदाबाद, कोलकाता, नोएडा, गुरूग्राम, मुंबई में क्यों नहीं हो सकता है। हमने पानी मुफ्त किया। सीसीटीवी लगा रहे। आटो, ई रिक्शा, टैक्सी संचालकों के लिए किया। धोबी समाज के लिए काफी किया। हर समाज के लिए किया।  

केसकला बोर्ड बनाएगा कल्याणकारी योजनाएं, हम तत्काल मंजूरी देंगे - सीएम 

सीएम ने कहा हमने दो सौ यूनिट बिजली मुफ्त कर दी तो इनको कष्ट हो रहा है। एक के तो मुंह से निकल गया कि हमारी सरकार बनी तो फ्री बिजली स्कीम को खत्म कर देंगे। हमारी सरकार ने सबके लिए कुछ न कुछ किया है। आपके समाज के लोग मिले। उन्होंने कहा कि हमारे समाज के लिए कुछ करें। हम मंत्रियों ने बैठक की। आपके लिए बोर्ड बनाने का निर्णय लिया है। इस बोर्ड का जल्द गठन करेंगे। आप लोग रजिस्टर हो जाना। आपके लिए कल्याणकारी योजना बनाएंगे। रोजगार के लिए नाई समाज को स्किल कराएंगे। आप लोगों के बीच के लोग ही बोर्ड में होगे। वह आपके कारोबार व आपके बारे में समझते हो। वह प्रस्ताव लेकर आएंगे। जिसे मंजूरी मिलेगी। आटो वाले मिले। उन्होंने कहा कि किसी प्रदेश में ऐसा नहीं है कि आटो वाले सीधे मिल सकता है। मैं हर वर्ग से सीधा मिलता हूं। किसी राज्य में भी आटो वाले रिक्शा वाले सफाई वाले सीधे मुख्यमंत्री से मिल सकते हैं। अपनी समस्या बता सकते हैं। 

जनता के सहयोग से चुनाव लड़ा तभी इतना कर पाया - अरविंद केजरीवाल 

सीएम ने कहा आप समझो दिल्ली का मुख्यमंत्री बिजली कंपनियों से मिल लूं। दो माह बाद चुनाव है। चुनाव में पैसे की जरूरत होती है। एक रुपये यूनिट बिजली का रेट बढ़ा दूं। करोड़ों रुपये शाम तक मेरे घर पर आ जाएंगे। मैं आपके पैसे व सहयोग से चुनाव लडूंगा तो चुनाव बाद बिजली के रेट घटेंगे। अगर बिजली कंपनियों के पैसे से चुनाव लड़ा तो चुनाव बाद बिजली का रेट बढ़ जाएगा। आपके पैसे से चुनाव लड़ा इस कारण दो सौ यूनिट बिजली मुफ्त कर दिया। पिछली बार 70 एमएसए 20 करोड़ में लड़े। इनका एक एमएलए 20 करोड़ में लड़ा। हमने अपने चुनाव का सारा हिसाब वेबसाइट पर डाल दिया। जनता के चंदे से वह चुनाव लड़े थे। इसी कारण बिजली पानी सस्ता किया। इस बार भी आपके लिए स्कूल बनाए, अस्पताल बनाए, बिजली सस्ती किया, पानी मुफ्त किया, सब आपके लिए किया। इसलिए इस बार भी आपके सहारे चुनाव लड़ेंगे। बाल काटने के दौरान एक व्यक्तिगत रिश्ता बन जाता है। मैं कौशांबी गाजियाबाद में रहता था। बाजार में जाता था, बाल कटाने। दिल्ली आने के बाद भी कौशांबी से कटिंग के लिए बुलाता था। तो आप लोगों से बाल कटाने वाले, दाढी बनाने वाले का व्यक्तिगत रिश्ता बन जाता है। अब सब ग्राहकों को आपको केजरीवाल के काम बताने हैं।  

केशकला कमेटी बनाने में सबसे बड़ी भूमिका मुख्यमंत्री की रही। हमलोग कैबिनेट मीटिंग में बैठे थें। मुख्यमंत्री ने कहा हललोगों ने समाज के सभी वर्ग के लिए कुछ न कुछ किया। नाई समाज काफी पिछड़ा है, इनके लिए कुछ न कुछ करना है। तब जाकर इस बोर्ड का गठन हुआ। हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें ऐसा मुख्यमंत्री मिलें, जो सबके लिए सोचते और करते हैं। वह चाहे बिजली, पानी या गरीब बच्चों की शिक्षा या कोचिंग हो। - राजेंद्र पाल गौतम, मंत्री 

दिल्ली केश कला बोर्ड

दिल्ली सरकार ने बाल काटने की पारंपरिक कला और सैलून को नए सिरे से बढ़ावा देने और इस पेशे से जुड़े लोगों को नवीनतम तकनीकों को अपनाने के लिए उपाय सुझाने के उदेश्य से दिल्ली केश कला बोर्ड के गठन की मंजूरी दी है। दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल ने आज एक बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को स्वीकृत कर दिया।

इस राज्य स्तरीय बोर्ड में एक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित पांच सदस्य होंगे। बोर्ड का  सदस्य सचिव, उप-सचिव पद पर कार्यरत या सेवा निवृत्त अधिकारी होगा, जिसे दिल्ली सरकार नियुक्त करेगी। जिला स्तरीय समिति में एक अध्यक्ष और तीन सदस्य होंगे। ये समितियाँ नीतियों और योजनाओं के निर्माण में सहायता देगी। जबकि जिला स्तरीय समिति में किसी प्रकार का कार्यालय या पारिश्रमिक नहीं मिलेगा।

केशों से जुड़े इस उद्योग ने कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी समाधानों को देखा है, जो बाजारों में अपनी वृद्धि को बढ़ावा देता है। इस उद्योग में सर्वश्रेष्ठ समाधान पेश करने के लिए नवीनतम तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया है।  वैश्विक तौर पर 2024 तक  इस उद्योग से जुड़े व्यवस्याए से 105.3 बिलियन अमरीकी डालर (7,33, 28 2.87 करोड़) तक के व्यापार पहुंचने की उम्मीद है। अनौपचारिक अनुमान के अनुसार भारत में इस व्यवसाय से आय की कीमत  22500 करोड़ है।

बारबर (Barber) समुदाय ने बाल काटने के पेशे को पारंपरिक रूप से अपनाया है। इस समुदाय को पिछड़े वर्ग के रूप में वर्गीकृत है। बाल काटने और संवारने के उद्योग में उन्नत वैज्ञानिक तकनीकों के समावेश से समाज के सभी वर्गों के लोग यह काम करने के लिए प्रेरित हुए हैं। जबकि दूसरी तरफ, नाई समुदाय पूंजी आधारित तकनीकों को अपनाने में अक्षम रहने के कारण इस उद्योग के विकास में आई तेजी का लाभ नहीं उठा पाया है।

देश के ग्रामीण और शहरी दोनों तरह बाजारों में बालों की देखभाल संबंधी उत्पादों की मांग बढ़ने से रोजगार के अवसरों में वृद्वि हुई है। जबकि पेशेवर नाइयों की कमी, इस काम में लगे कारीगरों के काम को छोड़ने की अधिक दर, वित्त पोषण और बैकिंग के अवसरों की कमी के कारण यह उद्योग अपेक्षित उन्नति नहीं कर पाया है।

उल्लेखनीय है कि समाज के विभिन्न समुदायों के नागरिकों के हितों की रक्षा करने और उनके रोजगार कौशल को उन्नत करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है। बाल काटने के पेशे में कार्यरत बारबर समुदाय को इस उद्योग में आई तेजी के लाभ का भागीदार बनाने के लिए सरकारी सहायता की अत्यंत आवश्यकता है। उन्हें आज के समय में इस उद्योग में कारगर नवीनतम प्रौद्योगिकी के उचित प्रशिक्षण और स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।

इस पृष्ठभूमि को देखते हुए दिल्ली सरकार ने इस समुदाय और पेशे से जुड़े लोगों के लिए कल्याणकारी कदम उठाया है। जिससे उन्हें उन्नत प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिलेगी और वे बाल काटने और केशों को सजाने संवारने की कला की विरासत को बरकरार रखते हुए उसे बढ़ावा देने में सक्षम होंगे।