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बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा कोरोना महामारी के कारण आकस्मिक निधि की आवश्यकता की पूर्ति हेतु क्रेडिट डिलीवरी संवर्धन के लिए विविध योजनाओं का आरंभ
April 11, 2020 • सजग ब्यूरो • व्यापार

बैंक ऑफ महाराष्ट्र जो कि देश का अग्रणी बैंक है इसने कोविड-19 के कारण तत्काल वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने हेतु कार्पोरेट, रिटेल, कृषि क्षेत्र हेतु विभिन्न योजनाओं की घोषणा की है।
कोविड-19 के लिक्विडिटी प्रभाव का सामना करने के लिए बैंक ने कार्पोरेट के लिए एसएलसी (स्टैंडबाई लाईन ऑफ क्रेडिट) के माध्यम से “एडहॉक लाईन ऑफ क्रेडिट कोविड-19” उपलब्ध कराया है। यह सुविधा कार्यशील पूंजी/ एसटीएल के रूप में प्राप्त की जा सकती है। जिन उधारकर्ताओं के मानक खाते हैं वे इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। वित्त की मात्रा अधिकतम विद्यमान निधि आधारित कार्यशील पूंजी सीमा के 10% तक, अधिकतम रु.50 करोड़ तक है। यह वित्त विद्यमान वित्त के अतिरिक्त होगा। इस योजना हेतु पुनर्भुगतान 12 माह की अधिकतम अवधि होगी और मोरेटोरियम 6 माह की अवधि होगी।
विद्यमान आवास ऋण उधारकर्ताओं हेतु बैंक सभी मानक आवास ऋण खातों हेतु, जहां कि प्रतिभूति प्रभार पूर्ण किया गया है और पुनर्भुगतान आरंभ किया गया है, बैंक सावधि ऋण के रूप में “आपातकालीन क्रेडिट लाईन वैयक्तिक ऋण योजना – कोविड 19” उपलब्ध करा रहा है। इस योजना के अंतर्गत विद्यमान आवास ऋण उधारकर्ता जिन्होंने पहले ही वैयक्तिक ऋण प्राप्त किया है वे भी कटौती मानदंडों के अधीन ऋण के लिए पात्र हैं। वित्त की मात्रा रु.3 लाख तक है। अधिकतम पुनर्भुगतान 36 माह होगा जिसमें 6 माह का मोरेटोरियम शामिल है।
“महाबैंक एसएचजी राहत योजना – कोविड 19” योजना के अंतर्गत बैंक विद्यमान एसएचजी को सावधि ऋण के रूप में अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराएगा। ऋण की मात्रा एसएचजी के प्रति सदस्य रु.7,500/- निर्धारित की गई है और कुल अधिकतम सीमा (विद्यमान ऋण तथा महाबैंक राहत योजना – कोविड 19) प्रति एसएचजी रु.3 लाख तक है। यह सावधि ऋण 36 माह के भीतर पुनर्भुगतान करना होगा। इस योजना हेतु पुनर्भुगतान उधारकर्ता एसएचजी के अनुरोध पर मासिक/ तिमाही/ अर्धवार्षिक आधार पर होगा और मोरेटोरियम 6 माह की अवधि तक होगा।

कृषि आधारित उद्योगों/ इकाईयों हेतु “कोविड-19 महाबैंक किसान राहत योजना” के अंतर्गत इसका उद्देश्य कोविड-19 स्थिति से उत्पन्न कृषि व खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के अस्थायी लिक्विडिटी असंतुलन की पूर्ति करना है। विद्यमान एफबीडब्ल्यूसी सीमा के 10% की सीमा अधिकतम रु.10 करोड़ तक मंजूर की जा सकती है। पुनर्भुगतान 12 माह के भीतर जो कि 6 माह की अधिकतम मोरेटोरियम अवधि को छोड़कर होगी। इस योजना के अंतर्गत पुनर्भुगतान उधारकर्ता के अनुरोध के अनुसार मासिक/ तिमाही/ अर्धवार्षिक आधार पर होगा।
किसानों हेतु “कोविड-19 महाबैंक किसान राहत योजना” के अंतर्गत बैंक खेत रखरखाव (फार्म मेंटेनन्स) और अन्य खेत से संबंधित गतिविधियों हेतु आकस्मिक निधि आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कृषक समुदाय हेतु तत्काल ऋण उपलब्ध कराएगा। इसकी सीमा नियमित पुनर्भुगतान वाले विद्यमान केसीसी खाताधारकों हेतु विद्यमान केसीसी मंजूर सीमा/ सावधि ऋण के 50% जो कि न्यूनतम रु.10,000/- (रुपए दस हजार) तथा अधिकतम रु.1,00,000/- (रुपए एक लाख) रहेगी। योजना की कुल अवधि 30 माह है जिसमें 6 माह का मोरेटोरियम शामिल है। इस योजना हेतु पुनर्भुगतान उधारकर्ता के अनुरोध के अनुसार अर्धवार्षिक/ वार्षिक आधार पर होगा।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री ए. एस. राजीव ने कहा – “इस कठिन समय में हम अपने विद्यमान उधारकर्ताओं, स्वसहायता समूहों और किसानों के साथ खड़े हैं, ताकि उनकी आकस्मिक निधि की आवश्यकताएं सरलता से पूरी की जा सके। हम अपने उधारकर्ताओं से आह्वान करते हैं कि कोविड-19 के प्रसार के कारण उनकी लिक्विडिटी असंतुलन की पूर्ति के लिए वे हमारी विशेष योजनाओं का लाभ उठाएं”।