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KISS एवं KIIT का खेलों में अतुलनीय योगदान
June 28, 2019 • Shiv Sachdeva

भुवनेश्वर स्थित कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज KISS व KIIT मानद विश्वविद्यालय दोनों ही भारत एवं विश्व की जानीमानी संस्थाएं है। KISS को विश्व के सबसे बड़े जनजातीय आवासीय संस्थान के रुप में जाना जाता है जहां 50,000 (30,000 मौजूदा तथा 20,000 भूतपूर्व छात्र) जनजातीय छात्रों को बाल विहार से स्नातकोत्तर तक की शिक्षा, आवास, भोजन, स्वास्थ्य, व्यवसायिक प्रशिक्षण तथा अन्य मूलभूत सुविधाए एकदम निःशुल्क मुहैया कराई जाती है। KISS भारत और संपूर्ण विश्व की पहली व एकमात्र ऐसी विश्वविद्यालय है जो जनजातीय छात्रों के लिए काम कर रही है। KIIT तकनीकी एवं व्यवसायिक शिक्षा के लिए भारत के सबसे बेहतर संस्थानों में से एक है, जहां भारत के अलावा 50 अन्य देशों के विद्यार्थियों पढ़ रहे है।

KISS एवं KIIT में गुणवत्ता युक्त शिक्षा के अतिरिक्त खेल को भी प्रारंभ से ही बहुत महत्व दिया जा रहा है। इन दोनों ही संस्थानों ने खेलकूद के लिए विश्वस्तरीय ढांचे का निर्माण किया है और 30 से अधिक क्षेत्रों में 5,000 से भी अधिक खेल प्रतिभाओं को उभारा है जो अंतराश्ट्रीय, राश्ट्रीय तथा क्षेत्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। एक स्थान से इतनी खेल प्रतिभाओं को आगे लाकर उभारना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। KTSS एवं KIIT के संस्थापक प्रो. अच्यत सामंत ने 28 जन 2019 को नई दिल्ली की एक प्रेस बैठक में बताया” हमारे छात्र लगातार भारत तथा ओडिशा का राश्ट्रीय एवं अंतराश्ट्रीय स्तर पर खेलों में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिसमें ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्र मंडल खेल भी सम्मिलित है।"

KISS ने भारत में रग्बी को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है। प्रो. सामंत की पहल से, 2006 में संस्थान के जनजातीय छात्रों का रग्बी से परिचय करवाया गया, उस समय यह खेल भारत में बहुत प्रसिद्ध नहीं था। तभी से यह संस्थान रग्बी प्रतिभाओं को उभार रहा है और राश्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय  स्तर पर अपना नाम दर्ज करा रहे है। प्रो. सामंत ने कहा " KISS रग्बी के छात्र तथा छात्राओं ने भारत के लिए अनेक पुरस्कार जीते है। राष्ट्रिय  रग्बी टीमों में इन छात्रों को पुरुश एवं महिला दोनों ही श्रेणी में पिछले 5 वर्षों से स्थान मिलता आ रहा है और ये राष्ट्रिय तथा अंतराष्ट्रिय स्तर के मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।"

हाल ही में भारतीय महिलाओं की रग्बी टीम ने शीर्श पर काबिज सिंगापुर को 21-19 से हराकर एशिया महिला डिवीजन-1 रग्बी 15-5 चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। यह टूर्नामेंट 17 से 23 जून, 2019 तक मनीला, फिलिपींस में आयोजित किया गया थाKISS की पांच छात्रा- सुमित्रा नायक, हुपी मांझी, रजनी साबर, मीरारानी हेम्ब्रम और पारबती किस्कू, भारतीय टीम का हिस्सा थी। वास्तव में यह मैच आखरी छड़ों में KISS की सुमित्रा नायक द्वारा किया गया पेनाल्टी था जिसने भारत के लिए संकीर्ण जीत को चरितार्थ कर दिया। इस जीत के लिए सुमित्रा सहित भारतीय महिला रग्बी टीम को विभिन्न क्षेत्रों से प्रशंसा मिल रही है।

KISS की सुमित्रा नायक का परिचय देते हुए प्रो. सामंत ने उनके जीवन के संघर्षों का वर्णन किया और यह भी बताया कि सुमित्रा की तरह, KISS के प्रत्येक खिलाड़ी की भी उसके पीछे एक प्रेरणादायक कहानी है। KISS पिछले 28 सालों से इसी तरह की अनेक प्रतिभाओं को सुर्खियों में लाने और उन्हें अंतराश्ट्रीय मंच देने की पूरी कोशिश कर रहा है। समर्पित और निरंतर प्रयासों के कारण आज KISS के कई छात्र एवं छात्राएं खेल-कूद के क्षेत्र में ओडिशा के साथ-साथ भारत का भी नाम रौशन कर रहे है। प्रो. सामंत ने बताया कि वर्तमान में KISS के छात्र एवं छात्राएं आगामी ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्र मंडल खेलों के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि ये सभी खिलाड़ी अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

इस अवसर पर प्रो. सामंत ने भारतीय रग्बी फुटबॉल यूनियन (IRFU) और ओडिशा रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन (ORFA) के अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय महिला रग्बी टीम के सभी सदस्यों को भी धन्यवाद दिया।