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सुधारहेतु बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने कदम उठाए
October 5, 2018 • Shiv Sachdeva

ग्राहक अनुभव के संवर्धन हेतु अपने नेटवर्क को युक्तिसंगत बनाया

बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा अपनी कायाकल्‍प (टर्नअराउंड) रणनीति के भागस्‍वरूपवित्तीय वर्ष 2017-18के दौरान शाखाओं की युक्तिसंगतता की गई। सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे पुराने बैंकों में से एक बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान अपनी 51 शाखाओं को समेकित किया, जिससे मार्च 2018 तक इसके शाखाओ की संख्या घटकर1897से 1846 हो गई है बैंक ने वर्ष 2017 से एक सतत युक्तिसंगत रणनीति कोअपनाया है, जिसमें आस पास केक्षेत्र तथा हानिदर्शाने वाली या कम व्यवसाय उपलब्धिकी शाखाओं का विलय किया गया। इस संबंध में ग्राहकों और जनसामान्य को समय-समय पर इसकी सूचना पहले ही दे दी गई।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने एक बयान में कहा, ;हमारे उत्पाद और सेवाएं ग्राहक केंद्रित हैं और ग्राहक की संतुष्टि हमेशा बैंक की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। हम अपने उपभोक्ताओं और हितधारकों को महत्‍व प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा मानना ​​है कि हमारे व्‍यवसाय को पुनर्गठित करने के लिए हमने जो कदम उठाए हैं, वे लंबे समय तक बैंक के लिए फायदेमंद होंगे।

इसके अलावा, हमने अपनी डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को एक स्थिर गति से अपनाते हुए देखा है और भविष्‍य में ऑन-डिमांड बैंकिंग के लिए मजबूत मांग का पूर्वानुमान लगा रहे हैं। हमने अपने डिजिटल संव्‍यवहारों में 65.87% की वृद्धि (वाईटीडी) देखी है और हमारे डिजिटल प्लेटफॉर्मों का लगभग 3 करोड़ (2.96 करोड़) ग्राहक उपयोग कर रहे हैं।

 बैंक ऑफ महाराष्ट्र के ग्राहक बैंक के व्यापक और सुरक्षित प्‍लैटफॉर्म, महाकनेक्ट के माध्‍यम से अपने खातों का परिचालनजारी रख सकते हैं और भीम, महा यूपीआई के माध्यम से संव्‍यवहार कर सकते हैं।

बैंक ने उन शाखाओं,जिन्हें वर्ष 2017-18 के दौरान युक्तिसंगत बनाया गया,के ग्राहकों से अनुरोध किया कि वे अपनी अंतर्विहित (एब्सॉर्ब्ड) शाखा को भेंट दें और पुरानी चेक बुक जमा करें तथा अद्यतित आईएफएससी / एमआईसीआर कूट के साथ भुगतान लिखते प्राप्‍त करें। पुराने आईएफएससी / एमआईसीआर कूट31 दिसंबर, 2018 से बंद कर दिए जाएंगे।