ALL व्यापार राजनीति स्वास्थ्य साहित्य मनोरंजन कृषि दिल्ली शिक्षा राज्य धर्म - संस्कृति
सदर से रवि किशन,बासगाँव से कमलेश ने की जीत दर्ज।
May 24, 2019 • विनय कुमार मिश्र

सदर लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी रवि किशन 3 लाख 6 हजार 70 वोट से विजई हुए। जैसे जैसे मतगणना होती गई वैसे वैसे सदर और बांसगांव लोकसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्यासी बढ़त बनाते गये। प्राप्त खबर के अनुसार बांसगाँव लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी प्रत्याशी कमलेश पासवान ने अपने निकटतम प्रतिद्वन्दी गठबंधन प्रत्याशी सदल प्रसाद  को 152961 मतो से हरा दिया।

सुनामी आ गई-प्रीति

फिल्म अभिनेता और भाजपा के गोरखपुर से सांसद रवि किशन की पत्नी प्रीति शुक्ला ने कहा कि हम लोग चाहते थे कि सुनामी आ जाए और सुनामी आ गई।उन्होंने कहा कि गोरखपुरवासियों से निवेदन किया था कि ऐतिहासिक जीत चाहिए और गोरखपुर के लोगों ने उस में सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि यहां के लोगों के सहयोग से ही हम यहां पर जीत कर आए हैं। रिकॉर्ड मतों से जीत के लिए उन्होंने गोरखपुरवासियों को धन्यवाद दिया।मोदी सरकार और योगी सरकार की जनता ने जिस तरीके से हमारा स्वागत किया है,इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है।उन्होंने कहा कि मोदी जी की सुनामी हमेशा थी और रहेगी। हर बार मोदी और योगी सरकार देश के लिए इससे अच्छी बात और कोई हो ही नहीं सकती है। हम सेवा के भाव से आए थे और यहां पर हम लोगों की जरूरतों को पूरा करेंगे,उनकी सेवा करेंगे,यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा, फिल्म सिटी बनेगी,लोग खुश हो जाएंगे। उन्होंने पति रवि किशन के लिए हर-हर महादेव का नारा भी दिया।

भाजपा ऑफिस पर आतिशबाजी

बस्ती मंडल की नौ में से आठ सीटों और देश भर में भारी बढ़त की खबरों ने भाजपा को उत्सासह से भर दिया । बेनीगंज कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्ना मनाया और आतिशबाजी की। कार्यकर्ताओं ने मोदी-मोदी के नारे भी लगाए। दीनदयाल उपाध्यानय गोरखपुर विश्वरविद्यालय में बने मतगणना स्थल के बाहर भी बड़ी संख्या में भाजपाई पहुंच रहे थे। भाजपा प्रत्याशी रविकिशन शुक्ल  मतगणना स्थल पर मौजूद थे।। तैयारी थी कि परिणाम आते ही कार्यकर्ता वहां जश्न  मनाएंगे। भाजपा के महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि पार्टी की यह जीत अप्रत्यालशित नहीं है। सारे देश और दुनिया को पता था कि भाजपा ही 2019 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र  मोदी के पांच साल और मुख्यूमंत्री योगी आदित्यानाथ के ढाई वर्ष के कार्यकाल में जनकल्याण के लिए चलाई गई योजनाओं और दोनों के अथक परिश्रम का परिणाम है।