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मुख्यमंत्री ने यमुना फ्लडप्लेंस के निवासियों से सरकार के टेंट्स में शिफ्ट होने की अपील की
August 19, 2019 • सजग ब्यूरो
  • घबराने की जरुरत नहीं, दिल्ली सरकार किसी भी स्थिति से निपटने लिए तैयार, सरकार स्थिति पर बराबर नजर रखे हुए है- केजरीवाल
  • जरुरत पड़ने पर  टेलीफोन नंबर 22421656 और  टेलीफोन नंबर 21210849 पर संपर्क किया जा सकता है

     

दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि यमुना के जल स्तर के शाम तक खतरे के निशान (205.33 मीटर) को पार कर जाने की आशंका है क्योंकि हरियाणा ने रविवार शाम को 8.28 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा है और यह पानी 36 से 72 घंटों के अंदर दिल्ली में पहुंच जाएगा।

उन्होंने अपील की यमुना फ्लडप्लेंस में रहने वाले लोग अपनी जगह खाली कर दें और दिल्ली सरकार की तरफ से लगाये गये टेंट्स में शिफ्ट हो जाएं। इस बारे में जानकारी देने के लिए मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में एक प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें मंत्री श्री सत्येंद्र जैन, श्री कैलाश गहलोत, मुख्य सचिव श्री विजय कुमार देव के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस प्रेस वार्ता से पहले दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई जिसमें सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक में बाढ़ की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की गई।

प्रेस कांफ्रेस में मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वह बिलकुल भी न घबरायें क्योंकि इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है। दिल्ली के छह जिलों (नॉर्थ, नॉर्थ ईस्ट, शाहदरा, ईस्ट, सेंट्रल और साउथ वेस्ट) के निचले इलाकों में रहने वाले लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं।

किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी के अलावा दिल्ली सरकार पहले से ही लोगों को ऐसी जगहों से निकालने और यमुना के दोनों तरफ लगाए गये टेंट्स में उनको ले जाने का काम कर रही है। अब तक, 2120 टेंट्स लगाये जा चुके हैं, जहां पर बिजली, खाने-पीने, पानी और टॉयलेट इत्यादि का इंतजाम किया गया है।

श्री अरविंद केजरीवाल ने फ्लडप्लेंस में रहने वाले लोगों से बार-बार अपील करते हुए कहा कि वे शाम 6 बजे तक टेंट्स में शिफ्ट कर जाएं और तब तक वापस ना जाएं जब तक उनके इलाकों से पानी न निकल जाए क्योंकि यमुना के पानी के प्रवाह के बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने बच्चों को लेकर विशेषतौर पर अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों का खास तौर पर ख्याल रखें क्योंकि अकसर बच्चे खेलने या नहाने नदी में चले जाते हैं। पिछले साल इसी तरह से दो बच्चों की मौत हो गई थी। इसके अलावा बचाव कार्य के लिए 53 नावों को तैयार कर लिया गया है और 30 नावों को उन 30 स्थानों पर पहले से ही लगा दिया गया है जहां बाढ़ का असर ज्यादा रहने की संभावना है।

इसके लिए दिल्ली सरकार एक इमरजेंसी कॉन्टैक्ट टेलीफोन नंबर 22421656 जारी किया है। साथ ही एसडीएम प्रीत विहार नोडल ऑफिसर हैं और उनके कंट्रोल रूम के टेलीफोन नंबर 21210849 से कॉन्टैक्ट किया जा सकता है। इससे पहले 2013 में हरियाणा में 8.06 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा था जिसकी वजह से जलस्तर 207.3 मीटर तक गया था। रविवार को हरियाणा की तरफ से जितनी भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है, उससे यमुना का जल स्तर काफी ज्यादा बढ़ सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, अगले दो दिन बेहद अहम हैं। हम स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि दिल्ली सरकार केंद्र सरकार, उप-राज्यपाल के ऑफिस और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल बनाये हुए हैं। सरकार के लिए हर किसी का जीवन बेहद कीमती है, इसी को देखते हुए पूरा सरकारी तंत्र किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने लिए तैयार है।