ALL व्यापार राजनीति स्वास्थ्य साहित्य मनोरंजन कृषि दिल्ली शिक्षा राज्य धर्म - संस्कृति
माननीय प्रधानमंत्री जी की उपस्थिती में 850 मेगावाट रतले जलविद्युत परियोजना के निष्पादन हेतु एनएचपीसी, जेकेपीडीडी और जेकेएसपीडीसी के मध्य समझौता ज्ञापन का हस्तांतरण
February 4, 2019 • Shiv Sachdeva

भारत के प्रधानमंत्रीश्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिती में 3 फरवरी 2019 को विजयपुरजिला सांबा (जम्मू एवं कश्मीर) में एनएचपीसी लिमिटेडजम्मू एवं कश्मीर राज्य विद्युत विकास विभाग (जेकेपीडीडीऔर जम्मू एवं कश्मीर राज्य विद्युत विकास निगम (जेकेएसपीडीसीके मध्य 850 मेगावाट रतले जलविद्युत परियोजना (जम्मू एवं कश्मीर) के निष्पादन के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का हस्तांतरण किया गया। यह कार्यक्रम श्री सत्य पाल मलिकमाननीय राज्यपाल,जम्मू एवं कश्मीरडॉ. जितेंद्र सिंहपूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्रालय के माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)डॉ. निर्मल सिंहमाननीय अध्यक्ष, जम्मू एवं कश्मीर विधान सभा, श्री जुगल किशोर शर्मामाननीय संसद सदस्य और श्री शमशेर सिंह मन्हासमाननीय संसद सदस्य इस अवसर पर उपस्थित थे।

इस अवसर पर श्री अनिरुद्ध कुमारसंयुक्त सचिव (हाइड्रो)विद्युत मंत्रालयभारत सरकारश्री रतीश कुमारनिदेशक (परियोजनाएं)एनएचपीसीश्री एन.केजैननिदेशक (कार्मिक)एनएचपीसीश्री एम.केमित्तलनिदेशक (वित्त)एनएचपीसीश्री जनार्दन चौधरीनिदेशक (तकनीकी)एनएचपीसी और एनएचपीसीजेकेपीडीडी, जेकेएसपीडीसी  और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे इससे पूर्वश्री बलराज जोशीअध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकएनएचपीसी नेएनएचपीसी की ओर से एमओयू पर हस्ताक्षर किएजबकि श्री हिर्देश कुमार, आयुक्त / सचिव, जम्मू एवं कश्मीर सरकार एवं प्रबंध निदेशक, जेकेएसपीडीसी नेजेकेपीडीडी और जेकेएसपीडीसी  की ओर से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए परियोजना को एनएचपीसी और जेकेएसपीडीसी के बीच एक संयुक्त उद्यम के माध्यम सेनिष्पादित किया जाएगा।

जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में स्थित, रतले जलविद्युत परियोजना चिनाब नदी पर एक रन ऑफ रिवर / पॉन्डेज योजना है  यह परियोजना भारत औरपाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि 1960 के अंतर्गत आती हैपरियोजना की 850 मेगावाट (4x205 MW + 1x30 MW) स्थापित क्षमता होगी और इसे 90% आश्रितवर्ष में 3136.80 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन करते के लिए डिज़ाइन किया गया है। परियोजना की अनुमानित लागत 6215.61 करोड़ रुपए है। इस परियोजना केनिर्माण से इस क्षेत्र में सामाजिक आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास के वृद्धि के अलावा रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।

एनएचपीसी जलविद्युत परियोजनाओं के विकास के क्षेत्र में विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत भारत सरकार की एक श्रेणी-ए मिनीरत्न कंपनी है। इसने 2 संयुक्त उद्यम परियोजनाओं सहित 7071.2 मेगावाट की संयुक्त संस्थापित क्षमता की 24 परियोजनाएं (सहायक कंपनियों एवं नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं सहित) संचालित की हैं । कंपनी के पास 3 परियोजनाएं (3800 मेगावाट) निर्माणाधीन हैं जिसमें जम्मू व कश्मीर में जेकेएसपीडीसी के साथ संयुक्त उद्यम में 1000 मेगावाट पकल दुल परियोजना भी शामिल है।