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बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बैंक राष्ट्रीयकरण दिवस का आयोजन
July 19, 2019 • Shiv Sachdeva

बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रधान कार्यालय में आज बैंक राष्ट्रीयकरण दिवस के 50 वर्ष पूर्ण होने पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्री ए. सी. राउत, कार्यपालक निदेशक, श्री हेमन्त टम्टा, कार्यपालक निदेशक और श्री लक्ष्मीनारायण रथ मुख्य सतर्कता अधिकारी मंच पर उपस्थित थे।
इस अवसर श्री राउत ने कहा कि "बैंकों का राष्ट्रीयकरण होने के कारण देश के आर्थिक विकास में तेजी आई और एक आम आदमी को आर्थिक विकास के दायरे में लाया गया।
आज के परिदृश्य में बैंकों को निजी, विदेशी, सहकारी और यहां तक ​​कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के साथ भी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है। लेकिन अगर हम सभी जन सामान्‍य के हितों को ध्यान में रखते हुए पेशेवर रूप से और अधिक कड़ा परिश्रम करते हैं, तो हम अधिक सफल बैंकर हो सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान श्री राउत ने सूचित किया कि केंद्रीय मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने बैंक ष्ट्रीयकरण दिवस के अवसर पर हम सभी को अपनी शुभकामनाएँ दी हैं।
बैंक के राष्ट्रीयकरण के प्रभावों के संबंध में बताते हुए मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री लक्ष्मीनारायण रथ ने कहा कि बैंक राष्ट्रीयकरण के कारण प्रत्येक बैंक ने बड़ी तेजी से वृद्धि की, जिसके परिणामस्‍वरूप बैंकों में कार्य करने वाले प्रत्येक कर्मचारी को सामाजिक प्रतिष्ठा और पहचान मिली है।
कार्यपालक निदेशक श्री हेमन्त टम्टा ने कहा कि राष्ट्रीयकरण के बाद बैंकों का फोकस वर्ग (क्‍लास) बैंकिंग से हटकर समूह (मास) बैंकिंग में परिवर्तित हो गया है। तब से बैंक आम आदमी के लिए काम कर रहे हैं और आज केंद्र सरकार के निदेश में जन धन जैसी योजनाओं के माध्यम से देश की 70 फीसदी आबादी को बैंकिंग के दायरे में लाया गया है। यह केवल राष्ट्रीयकरण के कारण ही संभव हो सका है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के राष्ट्रीयकरण के पश्‍चात्, यह बैंक व्यावसायिक दृष्टिकोण से विकसित हुआ और अपनी शाखाओं का प्रसार करते हुए देश के हर कोने में पहुंच गया। इस बैंक को पसंद करने वाले निष्ठावान ग्राहक और हितधारक बड़ी संख्या में विद्यमान हैं और उनकी वजह से बैंक प्रगति कर रहा है। उन्‍होंने अपील की कि प्रत्येक कर्मचारी का सर्वश्रेष्ठ ग्राहक सेवा प्रदान कर इस बैंक को अधिक मजबूत और अधिक कुशल बनाने का प्रयास होना चाहिए।
महाप्रबंधक श्री महेश महाबळेश्र्वरकर ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम में बैंक के सभी शीर्ष प्रबंधन सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।