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बसों और मेट्रो में फ्री सफर कर सकेंगी महिलाएं : अरविंद केजरीवाल
June 4, 2019 • Shiv Sachdeva

महिलाओं की सुरक्षा आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए सर्वोपरि है : अरविंद केजरीवाल

सभी डीटीसी बसों, क्लस्टर बसों और मेट्रो में महिलाओं का सफर फ्री किया जाएगा ताकि महिलाएं ज्‍यादा से ज्‍यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्‍तेमाल कर सकें,    पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगने का काम 8 जून से शुरू, पूरी दिल्ली में लगभग दो लाख 80 हजार कैमरे लगाये जाएंगे,     अगले 10 से 12 महीने के अंदर 3000 नई बसें दिल्ली की सड़कों पर आ जाएंगी 

साल 2017 से 2019 के बीच मेट्रो की लंबाई में 212 किमी का इजाफा हुआ,  नई स्कीम की वजह से मेट्रो में भीड़ नहीं बढ़ेगी क्योंकि इसकी वजह से रोजाना केवल करीब 1 लाख यात्रियों का इजाफा होगा,  नई स्कीम के लागू हो जाने के बाद मेट्रो में रोजाना तकरीबन 26 लाख लोग सफर करेंगे जो कि 2017 की राइडरशिप (28 लाख प्रति दिन) से कम है, मेट्रो में सफर करने वालों में करीब 30 फीसदी महिलाएं होती हैं, मेट्रो में सफर करने वाली महिलाओं की संख्या में अगर 10 फीसदी का इजाफा हो जाए तो इसमें केवल 1 लाख की बढ़ोतरी होगी

“दिल्‍ली में महिलाएं अपने आपको काफी असुरक्षित महसूस करती हैं। महिलाओं की सुरक्षा आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए सर्वोपरि है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए आज हमने दो बहुत बड़े निर्णय लिये हैं।“ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सचिवालय में 3 जून, 2019, सोमवार को आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस ये बातें कही।

दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा पर बात करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “एक आम आदमी के घर से जब उसकी बेटी, बहन, पत्नी, मां सुबह नौकरी, स्कूल, कॉलेज इत्यादि के लिए घर से बाहर निकलती है तो परिवार के लोगों का दिल धक-धक करता रहता है कि पता नहीं, सही सलामत वापस लौटेगी या नहीं लौटेगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित माना गया है। इसी बात ध्‍यान में रखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि दिल्‍ली के अंदर सभी डीटीसी बसों, क्लस्टर बसों और मेट्रो में महिलाओं का सफर फ्री किया जाएगा ताकि महिलाएं ज्‍यादा से ज्‍यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्‍तेमाल कर सकें। बहुत सी महिलाएं ज्‍यादा किराये की वजह से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं। हम इसमें ऐसा प्रावधान करेंगे कि किसी के भी ऊपर ये सब्सिडी थोपी न जाए। बहुत सारी महिलाएं बसों और मेट्रो का किराया आसानी से चुकता कर सकती हैं, उनको ये सब्सिडी लेने की जरूरत नहीं है। जो मेट्रो और बसों का किराया चुकाने में सक्षम हैं, वे सब्सिडी ना लें ताकि अन्य लोगों को इसका फायदा मिल सके।“

मुख्यमंत्री ने कहा, “इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश मैंने अधिकारियों को दे दिये हैं। अधिकारी ये प्रस्ताव तैयार करेंगे कि इसे डीटीसी, क्लस्टर और मेट्रो में कैसे लागू किया जाएगा और कब से लागू किया जाएगा। हम कोशिश करेंगे कि दो से तीन महीने के अंदर इसे लागू कर दिया जाए। इसको लेकर हम जनता से भी सुझाव मांग रहे हैं। लोग अपने सुझाव हमें delhiwomensafety@gmail.com पर भेज सकते हैं। इसके अलावा चेयरमैन,

डीडीसी, 33 शामनाथ मार्ग दिल्‍ली-54 पर चिट्ठी लिखकर भी सुझाव दिया जा सकता है।“

पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगने का काम 8 जून से शुरू

महिला सुरक्षा की दिशा में एक अन्य अहम फैसले के बारे में जानकारी देते हुए  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पिछले दो-ढाई साल से हम पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगाने की कोशिश कर रहे हैं। पूरी दिल्‍ली में लगभग डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने का टेंडर हो चुका है। करीब 70 हजार सीसीटीवी कैमरों का सर्वे पूरा हो चुका है। अब आठ जून से ये कैमरे लगने चालू हो जाएंगे। हम उम्‍मीद करते हैं कि दिसम्‍बर तक ये सारे कैमरे लगाने का काम पूरा हो जाएगा। इसके अलावा, एक लाख 40 हजार कैमरे और लगाने का प्रपोजल भी इसी महीने पास हो जायेगा। इस तरह, पूरी दिल्ली में लगभग दो लाख 80 हजार कैमरे लगाये जाएंगे। इसके अलावा, सरकारी स्‍कूलों के अंदर अलग से डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे लग रहे हैं। सभी सरकारी स्‍कूलों के अंदर कैमरे लगाने का काम शुरू हो चुका है और नवंबर तक सभी सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लग जाएंगे।

नहीं बढ़ेगी मेट्रो में भीड़

इस स्कीम से मेट्रो में भीड़ बढ़ने के सवाल पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेट्रो फेस 3 का काम पूरा होने पर तब के डीपीआर के हिसाब से रोजाना 40 लाख लोग मेट्रो में सफर कर सकेंगे। मार्च 2017 में 28 लाख लोग रोजाना मेट्रो से सफर करते थे। उसके बाद मेट्रो ने किराये बढ़ा दिये। अब रोजाना लगभग 25 लाख लोग मेट्रो से सफर करते हैं। इस तरह, मेट्रो की क्षमता रोजाना 40 लाख लोगों को सफर करवाने की है, लेकिन केवल 25 लाख लोग ही मेट्रो में रोजाना सफर करते हैं। इन 25 लाख में मोटे तौर पर 30 फीसदी यानी तकरीबन आठ लाख महिलाएं रोजाना मेट्रो से सफर करती हैं। अगर इस स्कीम से मेट्रो में सफर करने वाली महिलाओं की संख्या में 10 फीसदी इजाफा भी हो जाता है तो ये आंकड़ा करीब 1 लाख तक ही बढ़ेगा। इस तरह, अभी मेट्रो में रोजाना 25 लाख लोग सफर करते हैं। इस स्कीम के बाद संभव है कि ये आंकड़ा 26 लाख हो जाए जो कि मार्च 2017 के 28 लाख के आंकड़े से कम ही है। यानी इस स्कीम से मेट्रो में भीड़ बढ़ने की बात में दम नहीं है। इसके अलावा, पूरे देश में फीमेल वर्कफोर्स पार्टिसिपेशन 27 फीसदी है, जबकि दिल्ली में ये केवल 11 फीसदी है। इससे साफ है कि दिल्ली में काम करने वाली महिलाओं की संख्या काफी कम है। हम उम्मीद करते हैं कि महिलाओं के लिए फ्री सफर की स्कीम लागू हो जाने के बाद ज्‍यादा से ज्‍यादा महिलाएं काम पर निकलने के लिए प्रोत्‍साहित होंगी।

मुख्यमंत्री ने ये भी बताया कि 2017 से 2019 के बीच मेट्रो की लाइनों में करीब 55 फीसदी का इजाफा हुआ है। वर्ष 2017 में 212 किमी मेट्रो लाइन थी जो बढ़कर 2019 में 327 किमी हो गई। लेकिन किराया बढ़ने की वजह से मेट्रो राइटरशिप में कमी आई।  

बहुत जल्द 3000 नई बसें दिल्ली की सड़कों पर

एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर ये स्कीम अगस्त-सितंबर से लागू हो जाती है तो इस वित्त वर्ष में दिल्ली सरकार को करीब 700 से 800 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि डीटीसी की सभी बसों में मार्शल तैनात हैं। अब क्लस्टर बसों में भी मॉर्शल तैनात कर दिये जाएंगे। इस संबंध में मैंने आज निर्देश जारी कर दिये हैं। बसों में सफर कर रही बहुत सी महिलाओं को ये पता भी नहीं होता कि उनकी सुरक्षा के लिए बस में मॉर्शल मौजूद है। इसलिए अब बसों में पोस्टर भी लगा दिया जाएगा कि इस बस में मॉर्शल हैं। अगर आपको कोई दिक्कत है तो आप बताइये, मॉर्शल आपकी मदद के लिए आएगा। नई बसों को लेकर एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगले 10 से 12 महीने के अंदर 3000 नई बसें दिल्ली की सड़कों पर आ जाएंगी। इस सभी बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे।