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एक रुपये किमी
March 26, 2019 • सत पाल

एक सर्वे में कहा गया है कि दिल्ली में विश्व के अन्य महानगरों के मुकाबले कॉस्ट ऑफ लिविंग बहुत कम है। इसका एक कारण है – दिल्ली मेट्रो जो सबसे कम  भाड़े  पर लोगों को वातानुकूलित, तीव्र, बाधारहित, सुखद यात्रा कराती है। चुनाव के बाद दिल्ली में ऑटो का भाड़ा बढ़ जायेगा और एक किलोमीटर के लिये न केवल नौ रुपये पचास पैसे देने होंगे अपितु भीड़ में किसी अन्य कारण से यातायात रुक जाने पर हरेक कुछ निर्धारित मिनटों के लिये 75 पैसे भी देने होंगे। यह तो तय भाड़ा होगा मगर ऑटोवालों की मनमानी और मुंहमांगा भाड़ा भी मजबूरी में देने के लिये सवारी तैयार हो जायेगी क्योंकि अक्सर अपने समय को बचाने के लिये लोग बड़ी से बड़ी रकम खर्च करने को तैयार हो जाते हैं। उधर दिल्ली मेट्रो ब्लयू लाइन पर द्वारका सेक्टर 21 से नोएडा सेक्टर इलेक्ट्रनिक सिटी के बीच  49 स्टेशनों के साथ 56 किलो मीटर की दूरी पर विश्वसनीय सेवा के लिये 60 रुपये भाड़ा ले रही है। औसत निकालें तो एक रुपये 5 पैसे प्रति किलो मीटर। और जब  पिंक लाइन की मुकुंदपुर डिपो से शिव विहार के बीच 39 स्टेशनों के साथ 60 किलो मीटर  सेवा पूरी तरह शुरू होगी तो इसके आरामदायक सफर के लिये भी भाड़ा 60 रूपये होगा।  यह लाइन रिंग रोड के ज्यादातर इलाकों को जोड़ती है अगर इस लाइन को सबसे पहले बनाया जाता तो दिल्लीवासियों को कई साल पहले सार्वजनिक परिवहन में बड़ी राहत मिल गयी होती। एक रुपये के भाड़े पर एक किलोमीटर की फरार्टेदार यात्रा, दिल्ली मेट्रो के क्या कहने।