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ईवीएम हैकिंग के दावे कोरी कल्पना, इस फेक न्यूज़ पर हो सख्त कानूनी करवाई।
January 23, 2019 • Shiv Sachdeva

भारतीय मतदाता संगठन ने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक सैयद शुजा लन्दन के हैकथॉन में EVM की हैकिंग के दावों को बेबुनियाद करार दिया है जिसमें कहा गया है की 2014 में ईवीएम की हैकिंग से बीजेपी की जीत हुयी थी। भारतीय मतदाता संगठन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ रिखब चन्द जैन ने कहा कि इस तरह आरोप दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की लोकतान्त्रिक व्यवस्था से भरोसा उठाने की कोशिश भर है जिसका भारतीय मतदाता संगठन विरोध करता है। यह फेक न्यूज़ है और इस पर सख्त करवाई होनी चाहिए।
देशभर में चुनाव सुधारों और मतदाता जन जागरण अभियान की दिशा में काम कर रहे भारतीय मतदाता संगठन के प्रमुख डॉ रिखब चन्द जैन ने कहा की देश भर में फैले उनके मतदाता मित्र और संगठन से जुड़े लोग मतदातों को यह भरोसा दिलाते है की ईवीएम मशीन को किसी भी तरह से हैक नहीं किया जा सकता।

संगठन प्रमुख ने कहा कि ईवीएम एक कैलकुलेटर की तरह काम करता है। ईवीएम को वाईफाई-इंटरनेट से कनेक्ट नहीं किया जा सकता , ऐसे में ईवीएम के हैक होने का सवाल ही नहीं है। ईवीएम मशीन की सैटिंग भी इतने बड़े स्तर पर मुमकिन नहीं है। भारतीय मतदाता संगठन ने शुजा के दावे को महज सनसनी फ़ैलाने का प्रयास भर बताते हुए कहा की 2019 चुनाव से ठीक पहले इस तरह के दावे हमारे देश की लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर बुरा प्रभाव डालते है।
डॉ जैन ने लन्दन में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताई गयी इस कहानी को कोरी कल्पना करार दिया है जिसमें कहा गया है महाराष्ट्र के बड़े नेता गोपीनाथ मूंदे और एक पत्रकार गौरी लंकेश की ह्त्या की गयी थी। क्योंकि उन्हें इस ईवीएम हैंकिंग की जानकारी हो गयी थे और वे इसके सार्वजानिक करने वाले थे।
भारतीय मतदाता संगठन ने चुनाव आयोग और ईवीएम मशीन पर पूरा भरोसा जताया है और ऐसे तत्वों से सावधान रहने की गुजारिश की है जो लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर सवाल और शंका व्यक्त करते है। डॉ रिखब चन्द जैन ने कहा कि 2014 के आम चुनावों के बाद ईवीएम पर उठे तमाम सवालों पर सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग ने सभी पार्टियों को मौक़ा दिया था की वे ईवीएम को हैक करके दिखाएं। देश की कोई भी राजनैतिक पार्टी उस वक्त ईवीएम को हैक करने का दावा साबित नही कर पायी, और न सैयद शुजा ही अपने दावों के पक्ष में कोइ सबूत दे पाए। 
भारतीय मतदाता संगठन ऐसी अफवाहों को कोरी कल्पना और इसे एक साजिश मानता है ओर इस तरह की फेक न्यूज़ पर सख्त कानूनी करवाई की मांग करता है।