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ईमानदार राजनीति हो, तो कुछ भी मुमकिन है : अरविन्द केजरीवाल
June 24, 2019 • Shiv Sachdeva

  • सरकारी स्कूलों में 90% और उससे अधिक नंबर लाने वाले बच्चोंउनके अध्यापकोंअभिभावकों और प्रिंसिपल्स को मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और उप- मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सम्मानित किया 
  • दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने 94.2% रिजल्ट लाकर 21 साल के रिकॉर्ड को तोडा है
  • दिल्ली सरकार स्कूली बच्चों के लिए जेईई और नीट की तैयारी के लिए व्यवस्था करेगी। साथ ही ग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की भी व्यवस्था की जाएगी। - उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया

"हम दिल्ली के सभी लोगों को बधाई देते हैं, गौर करने वाली बात है कि पिछले साल 500 बच्चे 90% से ऊपर मार्क्स लाये थे, और इस बार 1000 से ज़्यादा बच्चे 90% से अधिक मार्क्स लाये हैं| आज हमने गर्व के साथ सभी बच्चों को,उनके पेरेंट्स, टीचर्स और प्रिंसिपल को सम्मानित किया| दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने 94.2% रिजल्ट लाकर 21 साल के रिकॉर्ड को तोडा है, लगातार चौथे साल प्राइवेट स्कूलों को पछाड़ा है| ये दर्शाता है कि ईमानदार राजनीति हो तो कुछ भी मुमकिन है| " - मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने शनिवार को त्यागराज स्टेडियम में दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा| 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, "इस देश में पैदाहोने वाले हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिएचाहे वो गरीब के घर पैदा हो या अमीर के घर पैदा होचाहे वो मिडल क्लास में पैदा हो। लेकिन धीरे-धीरेपिछले 70 साल के अंदर हमारे देश में एक ऐसाएजुकेशन सिस्टम बन गया कि गरीब का बच्चा तोजाता है सरकारी स्कूल में और अमीर का बच्चा,‍जिसके पास पैसे होते हैं, वो जाता था प्राइवेट स्कूलमें सरकारी स्कूलों की हालत बहुत खराब हो गयी। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी बढ़ती जा रही थी जब हमारी सरकार बनी तो हम ये सपना लेकर आये थे कि हमसरकारी स्कूलों को इतना बेहतर कर देंगे कि लोगअपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल की बजाय सरकारी स्कूल में भेजना चालू
करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, "आज साढ़े चार साल के बाद जबएक हजार से ज्यादा बच्चों के सरकारी स्कूलों में 90प्रतिशत से ज्यादा नम्बर आये हैं। उन सभी बच्चों औरउन सभी पैरेन्ट्स के सामने खड़े होने में मुझे गर्व औरखुशी महसूस हो रही है। आज ये कहने में गर्व महसूसहो रहा है कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 94.4प्रतिशत नतीजे आये हैं जबकि प्राइवेट स्कूलों के93प्रतिशत नतीजे आये हैं। सरकारी स्कूलों के नतीजेप्राइवेट स्कूलों से ज्यादा अच्छे आये हैं आज ये कहनेपर गर्व महसूस हो रहा है जब मैं मुख्यमंत्री बना था तोउस समय मेरे पास ढेरों लोगों की सिफारिशें आती थीकि फलां प्राइवेट स्कूल में एडमिशन करा दो। आजमेरे पास सिफारिशें आती हैं कि फलां सरकारी स्कूलमें एडमिशन करा दो।"

उप-मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, "
मुख्‍यमंत्री जी की तरफ से मुझे निर्देश है कि दिल्‍ली के किसी भी बच्‍चे के अंदर टेंलेंट है तो पैसे के वजह से उसकी पढ़ाई नहीं छूटनी चाहिए। आप सबको पता है कि हर जगह एजुकेशन लोन मिलता है लेकिन दिक्कत ये है कि एजुकेशन लोन देते समय बैंक गारंटी मांगते हैं जो बहुत से परिवार नहीं दे सकते। मुख्‍यमंत्री जी ने कहा है कि बच्‍चे हमारे हैं तो गारंटी भी हमारी होगी। सरकार गारंटी लेगी। सरकार आपको दस लाख तक का लोन देगी। आप अपनी पढ़ाई बीच में इसलिए मत छोड़ना कि पैसे की कमी है। दिल्‍ली के स्‍कूलों से पास होने वाले हर बच्‍चे की गारंटी मुख्‍यमंत्री जी लेते हैं। इस लोन में आपकी टयूशन फीस, हॉस्‍टल का खर्चा, कम्‍प्‍यूटर खरीदने का खर्चा, किताबें खरीदने का खर्चा सब कुछ शामिल है।

शिक्षा मंत्री ने ये भी कहा, "जिस परिवार की आय 6 लाख से कम लेकिन ढाई लाख रुपये से ज्‍यादा है तो अगर आप दिल्‍ली की किसी यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं तो आपकी फीस का 25 प्रतिशत हम आपको स्‍कालरशिप के रूप में देंगे। अगर आपके परिवार की आय ढाई लाख रुपये से कम है और एक लाख रुपये से ज्‍यादा है तो आपको फीस का 50 प्रतिशत स्‍कालरशिप के रूप में मिलेगा। अगर आपके परिवार की आय एक लाख रुपये से भी कम है तो आपको आपकी फीस का 100 प्रतिशत स्‍कालरशिप के रूप में मिलेगा। ये स्‍कीम आपके लिए है। इसका पूरा फायदा उठाइए।"

उप-मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि दिल्ली सरकार स्कूली बच्चों के लिए जेईई और नीट की तैयारी के लिए व्यवस्था करेगी। साथ ही ग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की भी व्यवस्था की जाएगी। 

उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने ट्वीट में लिखा, 
"आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 90%+ मार्क्स लेकर 12 वीं पास करने वाले बच्चों से मुलाक़ात की और उन्हें उनके अभिभावकों और शिक्षकों के साथ सम्मानित किया।"

शिक्षा मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा, "मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के साथ संवाद में 12वीं पास करने वाली एक छात्रा ने बताया कि CBSE की परीक्षा के लिए 1500/- की फ़ीस देनी पड़ती है जो ग़रीब परिवारों के लिए ज़्यादा है. सरकार ने वहीं फ़ैसला लिया कि अगले साल से सरकारी स्कूलों के सभी छात्रों की यह फ़ीस सरकार भरेगी।"

मनीष सिसोदिया ने अपने ट्वीट बताया, " आज 12वीं पास करने वाले छात्रों को जानकारी दी कि अगर आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें लोन की ज़रूरत पड़े तो दिल्ली सरकार उन्हें 10 लाख रु. तक का लोन दिलाएगी जो वे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद 15 साल तक आराम से चुका सकते हैं" 

उप-मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा, "स्कूल के बाद की पढ़ाई के लिए दिल्ली सरकार ने स्कॉलर्शिप भी शुरू की है।
1 लाख से कम आय वाले परिवार के बच्चों के लिए 100% फ़ीस के बराबर।
1 से 2.5 लाख आय वाले परिवार के बच्चों के लिए 50% फ़ीस के बराबर।
2.5 से 6 लाख आय वाले परिवार के बच्चों के लिए 25% फ़ीस के बराबर।"