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आर्थिक सर्वेक्षण, दिल्ली 2018-19 : मुख्य बातें
February 23, 2019 • Shiv Sachdeva

दिल्ली की अर्थव्यवस्था

  1. अग्रिम अनुमानों के अनुसार 2018-19 के दौरान दिल्ली का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वर्तमान मूल्यों पर 779652 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचने का अनुमान है, जो 2017-18 की तुलना में 12.98 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वास्तविक रूप से, 2018-19 के दौरान विकास दर 8.61 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
  2. 2018-19 के दौरान वर्तमान मूल्यों पर दिल्ली के सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में तृतीयक क्षेत्र का योगदान 84.12 प्रतिशत रहा। इसके बाद माध्यमिक क्षेत्र (14.00 प्रतिशत) और प्राथमिक क्षेत्र (1.88 प्रतिशत) का स्थान है।
  3. दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय वर्तमान मूल्यों पर 2018-19 के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय 125397 रूपये की तुलना में 365529 रुपये पर पहुंच जाने की संभावना है, इस तरह दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत की तुलना में लगभग 3 गुना अधिक है।
  4. 2017-18 (अनंतिम) के दौरान कर राजस्व की वार्षिक वृद्धि दर 14.70 प्रतिशत हुई जबकि 2016-17 में यह 3.03 प्रतिशत थी।
  5. दिल्ली डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) पोर्टल को दिल्ली में डीबीटी के अंतर्गत लागू की जा रही, कुल 71 योजनाओं (40 केंद्र प्रायोजित योजनाएं + 31 राज्य की योजनाए) के साथ लाइव किया गया।
  6. रा.रा.क्षे. दिल्ली सरकार ने 2016-17 से 2020-21 की अवधि के लिए 5वें दिल्ली वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू किया है।
  7. दिल्ली ने अपनी राजस्व अधिशेष की स्थिति निरंतर बनाए रखी है जो कि 2017-18 के दौरान 4913 करोड़ रुपये था।
  8. दिल्ली में सामाजिक क्षेत्र पर व्यय वित्तीय वर्ष 2014-15 में 68.71 प्रतिशत था, जो 2017-18 में बढ़ कर 74.76 प्रतिशत हो गया। वित्तीय वर्ष 2018-19 में कार्यक्रमों/परियोजनाओं के लिए आवंटित बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिए 83.60 प्रतिशत बजट आवंटित किया गया।
  9. वर्ष 2017-18 से रा.रा.क्षे. दिल्ली सरकार द्वारा शुरू किया गया एक अन्य प्रमुख परिवर्तन वार्षिक बजटीय प्रक्रिया में परिणाम आधारित बजट व्यवस्था अपनाना था। तदनुरूप 2017-18 में Outcome बजट यानी परिणामी बजट की धारणा अपनाई गई।
  10. वित्तीय वर्ष 2018-19 में शिक्षा क्षेत्र को प्रथम वरीयता जारी रही और कार्यक्रमों/परियोजनाओं के लिए आवंटित बजट का 27.36 प्रतिशत हिस्सा इस क्षेत्र के लिए आवंटित किया गया। इसके बाद सामाजिक सुरक्षा और कल्याण (16.63 प्रतिशत), चिकित्सा और जन-स्वास्थ्य (14.81 प्रतिशत), आवास और शहरी विकास (14.12 प्रतिशत), परिवहन (11.67 प्रतिशत), जलापूर्ति और स्वच्छता (10.68 प्रतिशत) का स्थान रहा
  11. पर्यावरण, वन और ग्रामीण विकास . दिल्ली सरकार ने अधिकृत औद्योगिक क्षेत्रों में मौजूदा प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों के स्थान पर पाइप वाली प्राकृतिक गैस अपनाने वाले उद्योगों को एक लाख रुपये तक का प्रोत्साहन देने और रेस्त्राओं को कोयला आधारित प्रत्येक तंदूर के स्थान पर विद्युत या गैस आधारित तंदूर लगाने के लिए 5000/- रुपये तक सब्सिडी प्रदान किये जाने की नीतियां अनुमोदित की हैं।
  12. दिल्ली में कुल वन और वृक्षाच्छादित क्षेत्र 2015 में 299.77 वर्ग किलोमीटर था, जो 2017 में बढ़कर 305.41 वर्ग किलोमीटर हो गया है। दिल्ली का हरित क्षेत्र 2015 में करीब 20.2 प्रतिशत था, जो 2017 में बढ़ कर 20.6 प्रतिशत हो गया है।
  13. दक्षिण दिल्ली जिले में वन आच्छादित क्षेत्र सबसे ज्यादा 83.35 वर्ग किलोमीटर, और पूर्वी दिल्ली जिले में वन आच्छादित क्षेत्र सबसे कम 3.70 वर्ग किलोमीटर है।
  14. 8 सितंबर, 2018 को व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें 19 हरित एजेंसियों, पर्यावरण क्लबों और निवासी कल्याण संगठनों को शामिल करते हुए 5 लाख पौधे लगाए गए। इसके अतिरिक्त दिसंबर, 2018 तक 13.95 लाख पौधे और 9.24 लाख झाड़ियां लगाई जा चुकी है ।
  15. दिल्ली में पिछली दो कृषि गणनाओं के आधार पर कृषि-जोतों की संख्या 2010-11 में 20497 से बढ़कर 2015-16 में 20675 हो गई। जबकि दिल्ली में खेती के लिए प्रयुक्त क्षेत्र 2010-11 के 29628 हैक्टेयर से घटकर 2015-16 में 28946 हैक्टेयर रह गया है।
  16. दिल्ली में पशु चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए 49 सरकारी पशु चिकित्सालय, 26 पशु चिकित्सा औषधालय, 1 प्रयोगशाला/अनुसंधान केंद्र और 1 पशुचिकित्सा पोलिक्लिनिक है। सरकारी पशु चिकित्सा अस्पतालों/औषधालयों में उपचारित पशुओं की संख्या जो 2014-15 में 3.68 लाख थी, वह 2017-18 में बढ़कर 4.69 लाख पर पहुंच गई।
  17. दिल्ली में विद्युत आपूर्ति 2014-15 के दौरान 37484 मिलियन यूनिट थी, जो 2017-18 में बढ़ कर 38510 मिलियन यूनिट हो गई।
  18. दिल्ली में विद्युत उपभोक्ताओं की कुल संख्या 2017-18 में 57.55 लाख थी। पिछले 10 वर्षों में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या में 71.92 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।
  19. दिल्ली में कुल बिजली खरीद पिछले दस वर्षों के दौरान 55.38 प्रतिशत बढ़ी है।
  20. व्यस्तता के समय विद्युत की मांग 2014-15 में 5925 मेगावाट थी जो 2017-18 में बढ़ कर 6526 मेगावाट हो गई।
  21. दिल्ली में कुल तकनीकी और वाणिज्यिक (ए टी एंड सी) घाटा 2017-18 में घट कर 9.41 प्रतिशत रह गया, जो सुधार पूर्व अवधि में 52 प्रतिशत था।
  22. सौर ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करने और उसमें वृद्धि करने के लिए मुख्यमंत्री कृषि एवं सोलर फार्म कार्यक्रम' नाम से एक नए कार्यक्रम का अनुमोदन किया गया है।
  23. दिल्ली में नवीकरणीय ऊर्जा की कुल संस्थापित क्षमता 31.12.2018 को 170.35 मेगावाट (सोलर 118.35 मेगावाट + डब्ल्यूटीई 52 मेगावाट) दर्ज हुई।
  24. दिल्ली की अर्थव्यवस्था में माध्यमिक क्षेत्र के अंतर्गत सर्वाधिक योगदान विनिर्माण उप-क्षेत्र का है। विनिर्माण क्षेत्र से आय 2011-12 में 18907 करोड़ रुपये थी, जो 2018-19 के अग्रिम अनुमानों के अनुसार बढ़ कर 40557 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
  25. दिल्ली में चालू फैक्ट्रियों की संख्या 2014 में 8968 थी, जो 2017 में बढ़ कर 9059 हो गई। इसी तरह, इन फैक्ट्रियों में कार्यरत अनुमानित श्रमिक 2014 में 416927 से बढ़कर 2017 में 420156 हो गए।
  26. दिल्ली में मोटरवाहनों की कुल संख्या 31 मार्च, 2018 को 109.86 लाख पर पहुंच गई, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 5.81 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई।
  27. 31.03.2018 तक फेज-1, फेज-2 और फेज-3 के अंतर्गत कुल 252 किलोमीटर मेट्रो लाइन का निर्माण कार्य पूरा किया गया और 31.12.2018 को कुल 327 किलोमीटर मेट्रो लाइन परिचालित थी।
  28. सभी डीटीसी और क्लस्टर बसों में कॉमन मोबिलिटी कार्ड सुविधा लागू की गई है
  29. मौजूदा समय में बारापुला चरण-2 और सिग्नेचर ब्रिज तथा रोड अंडर ब्रिज/रोड ओवर ब्रिज सहित 85 फ्लाई ओवर दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर संचालित हैं। 2018 के अंत तक दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर लगभग 83 एफओबी पूरे हो चुके हैं। 6 एफओबी के कार्य प्रगति पर हैं और इस वित्तीय वर्ष तक पूरा होने की संभावना है।
  30. ढिचाउँकलां, बवाना सेक्टर-1, रानीखेडा 1,2,3 और द्वारका सेक्टर 22 में बस डिपो का निर्माण हो चुका है। रेवला खानपुर और खड़खड़ी नाहर में बस डिपो का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
  31. दिल्ली सड़क सुरक्षा नीति 13 जुलाई 2018 को अधिसूचित कर दी गई। इसका उद्देश्य रा.रा.क्षेत्र दिल्ली में पैदल चलने वालों और साइकिल चालकों की सड़क दुर्घटनाओं से पूरी तरह सुरक्षा के अलावा सड़क का इस्तेमाल करने वाले सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
  32. डीटीसी की 200 बसों में सीसीटीवी वीडियो निगरानी प्रणाली स्थापित की गई है। सरकार ने सभी डीटीसी और क्लस्टर बसों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का फैसला किया है। बस कर्मियों को महिला यात्रियों की सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के लिए नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
  33. महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए 2017-18 के दौरान 2153 मार्शल डीटीसी बसों में तैनात किए गए थे।
  34. मौजूदा जल शुल्क "अधिक इस्तेमाल के लिए अधिक भुगतान के सिद्धांत पर आधारित है। वर्तमान जल शुल्क नीति पानी की अत्यधिक खपत करने वाले या पानी बर्बाद करने वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रतिरोधक के रूप में काम करती है। डीजेबी ने 2017-18 के दौरान 93.40 प्रतिशत की संग्रह दक्षता के साथ 1719.81 करोड़ रुपये का संग्रह किया था।
  35. दिल्ली के करीब 83.42 प्रतिशत परिवारों को पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति सुविधा उपलब्ध है।
  36. दिल्ली जल बोर्ड ने नागरिकों को कुशल और पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पानी का बिल देने, ऑनलाइन भुगतान और अप्रत्याशित रूप से भारी रकम वाले बिलों की समस्या के समाधान के लिए सेवा ऐप की शुरुआत की है।
  37. 31 मार्च, 2018 को दिल्ली जल बोर्ड की कुल उपचार क्षमता 12 जल उपचार संयंत्रों के साथ 906 एमजीडी थी। दिल्ली जल बोर्ड के पास वितरण के लिए कुल जल संसाधन 913 एमजीडी उपलब्ध हैं, जिनमें से यमुना नदी (375 एमजीडी), गंगा नदी (240 एमजीडी), भाखड़ा स्टोरेज (218 एमजीडी) और 80 एमजीडी ट्यूबवेल, भूमिगत जल जैसे अन्य स्रोतों से उपलब्ध हैं।
  38. दिल्ली जल बोर्ड की मल जल उपचार क्षमता 31 मार्च, 2018 को 607 एमजीडी है
  39. दिल्ली में 675 झुग्गी झोपड़ी बस्तियां हैं, जिनमें करीब 3.06 लाख झुग्गीवासी रह रहे हैं और ये बस्तियां 799 हेक्टेयर भूमि पर फैली हैं।
  40. नई दिल्ली नगर परिषद, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम और दिल्ली छावनी बोर्ड से संबंधित क्षेत्रों को खुले में शौच जाने से मुक्त घोषित एवं प्रमाणित किया गया है। पूर्वी दिल्ली नगर निगम को 2 अक्तूबर, 2017 और उत्तरी दिल्ली नगर निगम को 31 दिसंबर, 2017 को खुले में शौच जाने से मुक्त घोषित किया गया था। सभी सामुदायिक शौचालयों के लिए इस्तेमाल शुल्क 1 जनवरी, 2018 से समाप्त कर दिया गया और इन शौचालयों के चौबीसों घंटे खुले रहने की व्यवस्था की गईं।
  41. डूसिब ने झुग्गी निवासियों के लिए एक इन-सीटू पुनर्वास योजना तैयार की है, जिसमें 12000 से अधिक फ्लैटों का निर्माण प्रस्तावित है।
  42. पुरानी दिल्ली क्षेत्र के मूल धरोहर स्वरूप को बनाए रखने और पर्यावरण में सुधार लाने के लिए शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम के माध्यम से एक व्यापक पुनर्विकास योजना तैयार की गई है।
  43. दिल्ली सरकार के अंतर्गत 1227 सरकारी और सरकार से सहायता प्राप्त स्कूल हैं, जो दिल्ली में संचालित कुल स्कूलों का 21.30 प्रतिशत हैं, जबकि सरकारी और सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों की दाखिलों में हिस्सेदारी 2017-18 के दौरान कुल दाखिलों का 37.24 प्रतिशत थी।
  44. डीआईएसई रिपोर्ट-2017 के अनुसार, दिल्ली में प्राथमिक शिक्षा में सकल दाखिला अनुपात 109.19 प्रतिशत था, जबकि अखिल भारतीय स्तर पर यह अनुपात 95.12 प्रतिशत था।
  45. दिल्ली सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में निवेश में महत्वपूर्ण इजाफा किया है और शिक्षा के लिए बजट राशि 2014-15 की 6555 करोड़ रुपये से बढ़ कर 2018-19 में 13997 करोड़ रुपये हो गईसरकार के लिए शिक्षा क्षेत्र प्रथम वरीयता वाला क्षेत्र है, जिसकी हिस्सेदारी 2018-19 के बजट में सबसे अधिक यानी 26 प्रतिशत थी।
  46. दिल्ली में सरकार द्वारा प्रति विद्यार्थी प्रति वर्ष शिक्षा व्यय 2014-15 में 35580 रुपये था, जो 2018-19 में बढ़ कर 66038 रुपये हो गया।
  47. मौजूदा सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त 8095 क्लास रूम बनाए और संचालित किए गए। डीटीटीडीसी द्वारा 52 स्कूल भवनों का मॉडल पायलट स्कूल के रूप में नवीनीकरण हुआ।
  48. 2018 में 301 सरकारी स्कूलों में नर्सरी की कक्षाएं शुरू की गईं।
  49. 11 शिक्षण संस्थानों में विशेष रूप से ध्यान देने के उद्देश्य से इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन इन्क्यूबेशन केंद्रों में 96 इन्क्यूबेटस/स्टार्ट-अप्स काम कर रहे हैं।
  50. 2018-19 से 5 उत्कृष्टता विद्यालय शुरू हो गए हैं। शिक्षा विभाग के सभी 1024 स्कूलों में “हैपीनेस पाठ्यक्रम लागू किया गया है।
  51. स्कूल में दाखिला न ले पाने वाले बच्चों को मुख्य धारा में लाने के लिए 556 विशेष प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए
  52. दिल्ली में स्कूलों की कुल संख्या 2012-13 में 5155 थी, जो 2017-18 में बढ़ कर 5760 हो गई। दिल्ली के स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिलों की संख्या 2012-13 में 42.68 लाख थी, जो 2017-18 में बढ़ कर 43. 93 लाख हो गई।
  53. दिल्ली में उच्च शिक्षा संस्थान 2014-15 में 207 से बढ़कर 2018-19 में 218 हो गए और तकनीकी संस्थान 2014-15 में 101 से बढ़कर 2018-19 में 110 हो गए।
  54. दिल्ली के स्वास्थ्य क्षेत्र ढांचे के अंतर्गत 1298 औषधालय, 1160 नर्सिंग होम, 230 प्रसूति गृह, 178 पोलीक्लिनिक्स/ स्पेशल क्लिनिक्स, 88 अस्पताल और 17 मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
  55. दिल्ली के अस्पतालों में बिस्तरों की कुल संख्या 2014-15 में 48096 थी, जो 2017-18 में बढ़ कर 57194 हो गई जिससे इस अवधि के दौरान आबादी-बिस्तर अनुपात (प्रति 1000 व्यक्तियों पर बिस्तर) 2.68 से बढ़कर 2.99 हो गया।
  56. दिल्ली के नागरिकों की दहलीज पर प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करने के लिए दिल्ली में 189 आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक स्थापित किए जा चुके हैं।
  57. शिशु मृत्यु दर, नवजात मृत्यु दर, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर जैसे महत्वपूर्ण संकेतकों के संदर्भ में दिल्ली का स्तर क्रमशः 18, 12 और 22 है, जो अखिल भारतीय स्तर क्रमशः 34, 24 और 39 की तुलना में कम है। दिल्ली की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) 1.6 है, जो भारत के सभी राज्यों में सबसे कम है।
  58. दिल्ली में स्वास्थ्य पर प्रति व्यक्ति खर्च 2014-15 में 2116 रुपये था जो 2017-18 में बढ़ कर 2493 रुपये हो गया।
  59. दिल्ली में 5719 आशा वर्कर काम कर रही हैं। एक आशा का चयन 1500-2500 की आबादी पर किया जाता है।
  60. 60-69 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता और 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2500 रुपये प्रति माह प्रदान की जा रही है। भिन्न दृष्टि से सक्षम व्यक्तियों और संकटग्रस्त महिलाओं को 2500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है।
  61. करीब 4.42 लाख वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय वर्ष 2018-19 (दिसंबर, 2018 तक) में मासिक वृद्धावस्था पेंशन दी गई और 2017-18 के दौरान करीब 4.38 लाख वरिष्ठ नागरिकों को मासिक वृद्धावस्था पेंशन दी गई थी।
  62. करीब 2.35 लाख ‘मुसीबत में फंसी महिलाओं यानी विधवा, तलाकशुदा, न्यायिक दृष्टि से पृथक और निस्सहाय महिलाओं को 2018-19 (दिसंबर, 2018 तक) के दौरान मासिक वित्तीय सहायता दी गई और 2017-18 में यह संख्या 2.05 लाख थी।
  63. 2018-19 (दिसंबर, 2018 तक) के दौरान ‘भिन्न दृष्टि से सक्षम व्यक्तियों को वित्तीय सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत करीब 82339 दिव्यांग व्यक्तियों को मासिक वित्तीय सहायता दी गई। 2017-18 में इस कार्यक्रम के अंतर्गत करीब 76263 व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
  64. दिल्ली सरकार ने जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा योजना आरंभ की है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से पिछड़े अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को प्रतियोगिता परीक्षाओं में भाग लेने और समुचित रोजगार प्राप्त करने में सफल होने के वास्ते गुणवत्तापूर्ण कोचिंग प्रदान करना है।
  65. वर्ष 2018-19 (दिसंबर, 2018 तक) में राष्ट्रीय परिवार लाभ कार्यक्रम के अंतर्गत 4305 परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
  66. दिल्ली में 95 आई.सी.डी.एस. परियोजनाओं के अंतर्गत 10897 आंगनवाड़ी केंद्रों का नेटवर्क है, जिनके अंतर्गत बच्चों (0-6 वर्ष की आयु) और गर्भवती महिलाओं/ दूध पिलाने वाली माताओं को पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, पूर्व विद्यालय गतिविधियों, आदि का लाभ पहुंचाया जाता है। 2017-18 में लाभार्थियों की संख्या 12.49 लाख थी। 2018-19 ( दिसंबर, 2018 तक) के दौरान लाभार्थियों की संख्या 12.69 लाख है।